जनकल्याण शिविरों में रिकॉर्ड निराकरण: 13 हजार से अधिक आवेदन पहुंचे, 12 हजार से ज्यादा मामलों का त्वरित समाधान,कलेक्टर श्री तिवारी की सतत मॉनिटरिंग, पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर प्रशासन का फोकस
कलयुग की कलम से राकेश यादव

जनकल्याण शिविरों में रिकॉर्ड निराकरण: 13 हजार से अधिक आवेदन पहुंचे, 12 हजार से ज्यादा मामलों का त्वरित समाधान,कलेक्टर श्री तिवारी की सतत मॉनिटरिंग, पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर प्रशासन का फोकस
कलयुग की कलम कटनी – शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिलेभर में आयोजित जनकल्याण शिविरों को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। 12 जून से 18 जून तक चल रहे इन शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागों की योजनाओं से संबंधित बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनके निराकरण में प्रशासन सक्रियता के साथ जुटा हुआ है।
कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देशन में संचालित शिविरों के माध्यम से अब तक 13 हजार 240 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 12 हजार 156 आवेदनों का निराकरण कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई है। नियमानुसार परीक्षण के बाद 40 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं, जबकि 1 हजार 84 आवेदन अभी प्रक्रियाधीन हैं, जिनके शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। पोर्टल पर नए आवेदनों के पंजीयन की प्रक्रिया भी लगातार जारी है।
हर आवेदन पर नजर, समयबद्ध निराकरण के निर्देश
कलेक्टर आशीष तिवारी जनकल्याण शिविरों की प्रगति की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक आवेदन का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने पर जोर
जिला प्रशासन ने लंबित आवेदनों के शीघ्र निपटारे पर विशेष जोर दिया है। अधिकारियों से कहा गया है कि कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखते हुए लाभार्थियों को त्वरित राहत प्रदान की जाए। प्रशासन का उद्देश्य है कि जनकल्याण शिविरों के माध्यम से शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद और पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।
शिविरों से बढ़ा जनता का भरोसा
जनकल्याण शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होने से आम नागरिकों को सुविधा मिल रही है। बड़ी संख्या में आवेदनों के त्वरित निराकरण से लोगों का प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत हुआ है।



