एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला सतर्कता समिति का पुनर्गठन,सांसद, विधायक और सामाजिक प्रतिनिधियों सहित 22 सदस्य करेंगे पीड़ितों को राहत व न्याय दिलाने की निगरानी
कलयुग की कलम से राकेश यादव

एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला सतर्कता समिति का पुनर्गठन,सांसद, विधायक और सामाजिक प्रतिनिधियों सहित 22 सदस्य करेंगे पीड़ितों को राहत व न्याय दिलाने की निगरानी
कलयुग की कलम कटनी – अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, पीड़ितों को त्वरित राहत तथा पुनर्वास सुविधाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर आशीष तिवारी ने जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति का पुनर्गठन किया है। पुनर्गठित समिति में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों सहित कुल 22 सदस्यों को शामिल किया गया है।
समिति के अध्यक्ष कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी आशीष तिवारी होंगे। समिति में वी. डी. शर्मा, हिमाद्री सिंह, धीरेन्द्र बहादुर सिंह, संजय सत्येन्द्र पाठक तथा संदीप जायसवाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों को भी मिली जिम्मेदारी
समिति में शासकीय सदस्यों के रूप में पुलिस अधीक्षक कटनी, जिला लोक अभियोजन अधिकारी तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के जिला संयोजक को शामिल किया गया है। इसके अलावा राजपत्रित अधिकारियों की श्रेणी में जिला रोजगार अधिकारी डी. के. पासी, महिला सशक्तिकरण अधिकारी वनश्री कुरवेती तथा सहायक पंजीयक सहकारिता राजयश वर्धन कुरील को सदस्य बनाया गया है।
सामाजिक प्रतिनिधियों को भी मिला स्थान
अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग से गैर-सरकारी सदस्यों के रूप में रूपा दाहिया, जया बैस, मनोज चौधरी, शिवकुमार चौधरी (बबलू), रतिराम कोल, रमेश कोल (मदारी), अनिल बागरी और राजेश चौधरी को समिति में शामिल किया गया है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र कौर लाम्बा को गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) प्रतिनिधि के रूप में सदस्य नामित किया गया है।
हर तीन माह में होगी समीक्षा बैठक
समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में कम से कम एक बार आयोजित की जाएगी। बैठकों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों, न्यायालयों में लंबित मुकदमों, पीड़ितों को दी गई राहत राशि और पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
पीड़ितों को त्वरित राहत और न्याय दिलाने पर रहेगा फोकस
जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अत्याचार से प्रभावित व्यक्तियों को शासन की ओर से निर्धारित आर्थिक सहायता, सुरक्षा और पुनर्वास सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों तथा दोषियों के विरुद्ध मामलों की प्रभावी पैरवी की जा सके।


