नीली क्रांति की ओर बड़ा कदम: कटनी के 5 जलाशयों में केज कल्चर के लिए 20 मई तक आवेदन आमंत्रित,ढीमरखेड़ा के सागौना और अमेठा जलाशय भी शामिल, निजी निवेशकों और मत्स्य उद्यमियों के लिए सुनहरा अवसर
कलयुग की कलम से राकेश यादव

नीली क्रांति की ओर बड़ा कदम: कटनी के 5 जलाशयों में केज कल्चर के लिए 20 मई तक आवेदन आमंत्रित,ढीमरखेड़ा के सागौना और अमेठा जलाशय भी शामिल, निजी निवेशकों और मत्स्य उद्यमियों के लिए सुनहरा अवसर
कलयुग की कलम कटनी – जिले में मत्स्य उत्पादन को नई गति देने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन की नई एकीकृत मत्स्योद्योग नीति-2026 के तहत कटनी जिले के पांच प्रमुख जलाशयों में केज कल्चर (पिंजरा आधारित मत्स्य पालन) स्थापित करने के लिए इच्छुक निवेशकों, उद्यमियों और हितग्राहियों से 20 मई 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
इस पहल के माध्यम से जिले में आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। विकासखंड ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाले सागौना और अमेठा जलाशयों का चयन होने से क्षेत्र के उद्यमियों में उत्साह का माहौल है।
इन 5 जलाशयों में होगी केज स्थापना
मत्स्य विभाग द्वारा जिले के निम्नलिखित जलाशयों का चयन किया गया है—ठरका जलाशय – विकासखंड कटनी
बहोरीबंद जलाशय – विकासखंड बहोरीबंद
दतला जलाशय – विकासखंड बड़वारा
सागौना जलाशय – विकासखंड ढीमरखेड़ा
अमेठा जलाशय – विकासखंड ढीमरखेड़ा
आधुनिक तकनीक से बढ़ेगा मत्स्य उत्पादन
एकीकृत मत्स्योद्योग नीति-2026 का उद्देश्य मत्स्य पालन क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करना तथा आधुनिक तकनीकों जैसे—केज कल्चर एक्वाकल्चर एक्वापोनिक्स इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग को बढ़ावा देना है।
नीति के तहत मत्स्य उद्यमियों को फिश हेचरी, आईस प्लांट, कोल्ड स्टोरेज और फिश प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और बैंक ऋण प्राप्त करने में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
युवाओं और किसानों के लिए लाभकारी योजना
विशेषज्ञों के अनुसार केज कल्चर के माध्यम से सीमित जल क्षेत्र में अधिक उत्पादन संभव है। इससे ग्रामीण युवाओं, किसानों और स्वयं सहायता समूहों को कम समय में बेहतर आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा। यह योजना आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है।
20 मई तक करें आवेदन
इच्छुक निवेशक एवं उद्यमी कार्यालयीन समय में सहायक संचालक, मत्स्योद्योग कार्यालय, कटनी में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन के साथ विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तथा आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा।
यहां मिलेगी विस्तृत जानकारी
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए मध्यप्रदेश मत्स्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट mpfisheries.gov.in� पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
कटनी जिले में मत्स्य क्षेत्र के विकास की दिशा में यह पहल न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के नए द्वार भी खोलेगी।


