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शासकीय भूमि पर आधी रात अवैध बोरिंग, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई,ढीमरखेड़ा में प्रतिबंधात्मक आदेश की धज्जियां उड़ाने पर राकेश गौड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज

कलयुग की कलम से राकेश यादव

शासकीय भूमि पर आधी रात अवैध बोरिंग, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई,ढीमरखेड़ा में प्रतिबंधात्मक आदेश की धज्जियां उड़ाने पर राकेश गौड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – जल संकट के बीच शासकीय आदेशों की अनदेखी कर रात के अंधेरे में अवैध बोरिंग कराए जाने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम दियागढ़ में शासकीय भूमि पर बिना अनुमति नलकूप (बोर) खनन कराने के आरोप में राकेश गौड़ के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है।

रात 1 बजे गुपचुप तरीके से कराया गया अवैध खनन

हल्का नंबर 31 झिन्ना पिपरिया के पटवारी अमित कुमार पटैल को सूचना मिली थी कि ग्राम दियागढ़ में अवैध बोरिंग कराई गई है। सूचना के बाद खसरा नंबर 98, रकबा 1.78 हेक्टेयर स्थित शासकीय भूमि का निरीक्षण किया गया, जहां नलकूप खनन की पुष्टि हुई।

जांच में सामने आया कि आरोपी राकेश गौड़ ने 15 मई की रात करीब 1 बजे बिना किसी वैधानिक अनुमति के गुप्त रूप से बोरिंग कराई। मौके पर पंचनामा तैयार कर पूरी रिपोर्ट तहसीलदार ढीमरखेड़ा को सौंप दी गई।

पहले से लागू है नए बोर खनन पर प्रतिबंध

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री आशीष तिवारी द्वारा 25 मार्च 2026 को जारी आदेश के अनुसार पूरे कटनी जिले को 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक ‘पेयजल अभावग्रस्त क्षेत्र’ घोषित किया गया है। इस अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना नए निजी नलकूप खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है।

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ अपराध

तहसीलदार ढीमरखेड़ा के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ: मध्य प्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम, 1986 (संशोधित 2022) की धारा 9 भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223(ए) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक सुरेश चौधरी को सौंपी गई है।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश

जिला प्रशासन ने साफ किया है कि जल संरक्षण से जुड़े प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

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