श्रीकृष्ण से प्रेरणा, मेधा को मिलेगा सम्मान: 102 विद्यार्थियों को ₹1 लाख की छात्रवृत्ति,भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन प्रतियोगिता शुरू | 30 सितंबर तक पंजीयन का मौका
कलयुग की कलम से राकेश यादव

श्रीकृष्ण से प्रेरणा, मेधा को मिलेगा सम्मान: 102 विद्यार्थियों को ₹1 लाख की छात्रवृत्ति,भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन प्रतियोगिता शुरू | 30 सितंबर तक पंजीयन का मौका
कलयुग की कलम कटनी – भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन, व्यक्तित्व, भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति, शिक्षा और जीवन-मूल्यों से नई पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग एवं श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत ऑनलाइन प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित 102 मेधावी छात्र-छात्राओं को एक-एक लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। छात्रवृत्ति राशि मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई है।
प्रतियोगिता में शामिल होने के इच्छुक विद्यार्थी श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की वेबसाइट www.shrikrishnapatheynyas.com पर जाकर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
14 विद्याओं और 64 कलाओं से प्रेरणा लेने का अवसर
यह छात्रवृत्ति भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जित मानी जाने वाली 14 विद्याओं और 64 कलाओं, महर्षि सांदीपनि के मार्गदर्शन तथा भारतीय ज्ञान परंपरा की अवधारणा पर आधारित है। पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहित करना ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ज्ञान और विभिन्न कौशलों के प्रति उनकी रुचि को भी बढ़ावा देना है।
श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीराम तिवारी ने बताया कि आधुनिक शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। डिजिटल माध्यम वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचने का प्रभावी जरिया है, इसलिए ऑनलाइन क्विज को रोचक और ज्ञानवर्धक स्वरूप दिया गया है।
ऑनलाइन प्रश्नावली में होंगे 30 से अधिक सवाल
छात्रवृत्ति के लिए पंजीयन के बाद विद्यार्थियों को निर्धारित विषयों पर आधारित ऑनलाइन प्रश्नावली में भाग लेना होगा। इसमें 30 से अधिक प्रश्न शामिल होंगे। प्रत्येक प्रतिभागी को प्रश्नों का अलग सेट दिए जाने की व्यवस्था रखी गई है।
यदि पात्र और सफल विद्यार्थियों की संख्या उपलब्ध छात्रवृत्तियों से अधिक होती है, तो अंतिम चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। इस प्रकार प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के ज्ञान, रुचि और भारतीय ज्ञान परंपरा से उनके जुड़ाव को प्रोत्साहित करने के साथ चयन प्रक्रिया को भी व्यापक भागीदारी का अवसर दिया गया है।
नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की पहल
भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल और जीवन-मूल्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना इस पहल का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। न्यास के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी शिक्षाओं और महर्षि सांदीपनि की परंपरा को विद्यार्थियों तक आधुनिक डिजिटल माध्यम से पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।



