आदिवासी अंचल में बढ़ा असंतोष: भूमि, परंपरा और सुरक्षा के मुद्दे पर ग्रामीणों ने खोला मोर्चा,कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग; समाधान न होने पर 30 जून से अनशन की दी चेतावनी
कलयुग की कलम से राकेश यादव

आदिवासी अंचल में बढ़ा असंतोष: भूमि, परंपरा और सुरक्षा के मुद्दे पर ग्रामीणों ने खोला मोर्चा,कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग; समाधान न होने पर 30 जून से अनशन की दी चेतावनी
कलयुग की कलम उमरिया पान – तहसील ढीमरखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत भटगवां के आदिवासी ग्रामीणों ने भूमि संरक्षण, ग्राम सुरक्षा और पारंपरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी आवाज बुलंद की है। ग्रामीणों ने कलेक्टर कटनी के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार उमरियापान को थाना प्रांगण में पुलिस प्रशासन एवं वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में सौंपते हुए मामले में निष्पक्ष जांच और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत भटगवां के चंदौलहार क्षेत्र में बाहरी लोगों द्वारा कथित रूप से शासकीय एवं वन विभाग के अंतर्गत आने वाली भूमि व निजी भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है, जिससे स्थानीय आदिवासी समाज में असुरक्षा और तनाव का माहौल बन रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस कारण सामाजिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
ग्राम सभा और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण की मांग
ज्ञापन में ग्रामीणों ने पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में ग्राम सभा की भूमिका और आदिवासी परंपराओं के संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है। उनका कहना है कि स्थानीय समुदाय की भूमि, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा सुनिश्चित की जाए तथा संवैधानिक प्रावधानों का प्रभावी पालन कराया जाए।
बढ़ते विवादों को लेकर जताई चिंता
ग्रामीणों ने ज्ञापन में लगाए गए विभिन्न आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में उत्पन्न हो रहे विवादों और तनावपूर्ण परिस्थितियों के कारण ग्रामीणों में चिंता का माहौल है, जिसे समाप्त करने के लिए प्रशासनिक हस्तक्षेप आवश्यक है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो 30 जून से होगा अनशन
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायतों और मांगों पर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो पारंपरिक आदिवासी नेतृत्व और ग्राम सभा के मार्गदर्शन में 30 जून से कलेक्ट्रेट परिसर के सामने शांतिपूर्ण अनशन प्रारंभ किया जाएगा।
इन ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से शुभ सिंह मरावी, सुखचैन सिंह, राम सिंह, गिरधारी सिंह, अमित सिंह, चैन सिंह, पहलवान सिंह, सुग्रीम सिंह, सुरेंद्र तेकाम, बेडी सिंह, रामकुमार, अवसर सिंह, सोने सिंह, दुर्जन सिंह, सूरज सिंह, सरोज बाई, प्रेम बाई, गोपाल कोल, सुरेश कोल, विजय कुमार चौधरी और अशोक सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
प्रशासनिक निर्णय पर टिकी क्षेत्रवासियों की निगाहें
ग्रामीणों द्वारा उठाए गए मुद्दों की आधिकारिक पुष्टि और जांच की प्रक्रिया प्रशासन के स्तर पर अपेक्षित है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन मामले में क्या कदम उठाता है और ग्रामीणों की मांगों पर किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है।
— एडिटर



