खनिज संपदा से औद्योगिक पहचान बनाएगा कटनी, रोजगार और निवेश बढ़ाने पर जोर,कलेक्टर आशीष तिवारी ने डोलोमाइट के वैल्यू एडिशन, पेंट क्लस्टर और औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की पहल के दिए निर्देश
कलयुग की कलम से राकेश यादव

खनिज संपदा से औद्योगिक पहचान बनाएगा कटनी, रोजगार और निवेश बढ़ाने पर जोर,कलेक्टर आशीष तिवारी ने डोलोमाइट के वैल्यू एडिशन, पेंट क्लस्टर और औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की पहल के दिए निर्देश
कलयुग की कलम कटनी – खनिज संपदा से समृद्ध कटनी जिले को प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। जिले में उपलब्ध डोलोमाइट, चूना पत्थर, मार्बल और फर्शी पत्थर जैसे खनिजों का बेहतर उपयोग कर नए उद्योग स्थापित करने, निवेश बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने पर जोर दिया जा रहा है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत रूपौंध स्थित जे.के. सीमेंट संयंत्र परिसर में आयोजित बैठक में औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों और खदान संचालकों के साथ चर्चा कर विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को खनिजों के वैल्यू एडिशन, पेंट क्लस्टर की स्थापना, औद्योगिक कॉरिडोर के विकास और उद्योगों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने की दिशा में ठोस पहल करने के निर्देश दिए। उन्होंने निवेशकों एवं उद्यमियों की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से करने पर भी जोर दिया।
डोलोमाइट के बेहतर उपयोग से खुलेंगे नए औद्योगिक रास्ते
बैठक में जिले में उपलब्ध डोलोमाइट के औद्योगिक उपयोग और उससे जुड़े नए व्यवसायों की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। खनिज के रासायनिक संघटन, क्रशिंग साइज और सिलिका प्रतिशत के आधार पर कांच, सीमेंट, स्टील, उर्वरक, डिटर्जेंट, रसायन एवं फार्मास्यूटिकल उद्योगों में इसके उपयोग की संभावनाएं तलाशी गईं।
कलेक्टर ने खदान स्तर पर अल्ट्रा-फाइन ग्राइंडिंग और माइक्रोनिक प्लांट स्थापित करने की संभावनाओं का अध्ययन करने पर जोर दिया। इससे खनिजों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण कर उनका मूल्य बढ़ाने, परिवहन लागत कम करने और नए उद्योगों के विकास का रास्ता खुल सकता है। साथ ही, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है।
पेंट क्लस्टर से उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
कटनी में पेंट उद्योग के विकास और निवेश की संभावनाओं को देखते हुए बैठक में पेंट क्लस्टर स्थापित करने का मुद्दा भी उठाया गया। उद्यमियों ने जिले में इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक पहल करने की जरूरत बताई। इस पर कलेक्टर ने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक को आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
पेंट क्लस्टर के विकास से संबंधित उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार हो सकता है। प्रशासन का जोर स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए जिले में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने पर है।
सड़क और बिजली की समस्याओं का होगा निराकरण
औद्योगिक इकाइयों एवं खदान संचालकों ने बैठक में सड़क चौड़ीकरण, भारी वाहनों की सुगम आवाजाही और बिजली कटौती जैसी समस्याओं की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। इन समस्याओं का सीधा असर औद्योगिक गतिविधियों और माल परिवहन पर पड़ता है।
कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग तथा विद्युत कंपनी के अधिकारियों को संबंधित समस्याओं के निराकरण और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होने से उत्पादन, परिवहन और निवेश संबंधी गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक कॉरिडोर और पार्क के प्रस्ताव होंगे तैयार
जिले में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए कलेक्टर ने राजस्व एवं उद्योग विभाग को औद्योगिक क्लस्टर कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं और औद्योगिक पार्क विकसित करने की संभावनाओं पर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खदान संचालकों और निवेशकों से विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) प्रस्तुत करने को कहा, ताकि परियोजनाओं की आवश्यक अनुमतियों और शासकीय सहयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को ध्यान में रखते हुए निवेश प्रस्ताव तैयार करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, एसडीएम जितेन्द्र पटेल, उपसंचालक खनिज रत्नेश दीक्षित, महाप्रबंधक उद्योग ज्योति सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



