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छात्रावासों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त! अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को रात में भी रहना होगा मौजूद,जिला पंचायत सीईओ हर सिमरनप्रीत कौर के सख्त निर्देश, आदेशों की अनदेखी करने वालों पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई; भोजन से लेकर पढ़ाई और स्वास्थ्य तक की होगी निगरानी

कलयुग की कलम से राकेश यादव

छात्रावासों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त! अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को रात में भी रहना होगा मौजूद,जिला पंचायत सीईओ हर सिमरनप्रीत कौर के सख्त निर्देश, आदेशों की अनदेखी करने वालों पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई; भोजन से लेकर पढ़ाई और स्वास्थ्य तक की होगी निगरानी

कलयुग की कलम कटनी – नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 में छात्रावासों, आश्रमों एवं आवासीय शैक्षणिक संस्थाओं की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब छात्रावास अधीक्षक एवं अधीक्षिकाओं को अपने संस्थान में निवास करने के साथ रात्रि विश्राम भी करना अनिवार्य होगा। आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध दायित्व से मुक्त करने सहित नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर ने बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए।

विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधाएं सर्वोच्च प्राथमिकता

जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कौर ने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी व्यवस्थाएं नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण ढंग से संचालित की जाएं। विद्यार्थियों की उपस्थिति, शत-प्रतिशत नामांकन और शैक्षणिक प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाए। यदि विद्यार्थी अनुत्तीर्ण होते हैं या बार-बार घर जाने की प्रवृत्ति सामने आती है, तो इसके कारणों की समीक्षा कर संबंधित अधीक्षक की जवाबदेही तय की जाए।

भोजन की गुणवत्ता से स्वास्थ्य तक, हर व्यवस्था पर रहेगी नजर

बैठक में छात्रावासों में निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और समयबद्धता पर नियमित निगरानी रखने को कहा गया। साथ ही विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और प्रत्येक विद्यार्थी का स्वास्थ्य कार्ड तैयार कर संधारित करने के निर्देश दिए गए।

श्रीमती कौर ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ शारीरिक व्यायाम, मानसिक स्वास्थ्य, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। छात्रावासों के कमरों, शौचालयों, स्नानागारों, बिस्तरों और पेयजल व्यवस्था की स्वच्छता एवं नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

पालकों की सहभागिता बढ़ाने पर जोर

जिला पंचायत सीईओ ने छात्रावासों की व्यवस्थाओं में विद्यार्थियों के अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पालकों के सुझावों को गंभीरता से लेकर आवश्यक सुधार किए जाएं, जिससे संस्थाओं के प्रति उनका विश्वास मजबूत हो और वे अपने बच्चों की शिक्षा एवं आवासीय सुविधाओं को लेकर आश्वस्त रह सकें।

मरम्मत, खेल सामग्री और खर्च का रखना होगा हिसाब

छात्रावासों में उपलब्ध फर्नीचर एवं उपकरणों के उचित संधारण, आवश्यक मरम्मत और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खेल सामग्री, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शैक्षणिक भ्रमण और आकस्मिक व्यय के लिए उपलब्ध राशि का नियमानुसार उपयोग करने तथा सभी खर्चों का उचित अभिलेख रखने को कहा गया।

इसके अलावा छात्रावासों में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश भी दिए गए। व्यवस्थाओं में सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए जिला अधिकारियों को प्रत्येक माह निर्धारित दिवस पर छात्रावास अधीक्षकों की बैठक आयोजित कर नियमित समीक्षा करने को कहा गया।

अधिकारियों की बैठक में योजनाओं की हुई समीक्षा

बैठक में जिला संयोजक श्री विमल चौरसिया ने विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी जिला पंचायत सीईओ को दी। इस अवसर पर माता शबरी आवासीय शासकीय कन्या शिक्षा परिसर के प्राचार्य, वीरांगना रानी दुर्गावती, राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह, सीनियर पोस्ट मैट्रिक बालक एवं अनुसूचित जाति सीनियर छात्रावासों के अधीक्षक-अधीक्षिकाओं सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

छात्रावास केवल रहने की जगह नहीं, विद्यार्थियों के भविष्य की नींव

जिला पंचायत सीईओ श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर ने कहा कि छात्रावास एवं आवासीय संस्थाएं केवल विद्यार्थियों के रहने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके शैक्षणिक, शारीरिक और मानसिक विकास का महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए प्रत्येक अधिकारी एवं अधीक्षक अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करे, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अनुकूल माहौल मिल सके।

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