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अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का हल्लाबोल, पोड़ी खिरवा में चक्काजाम,पैकारी से त्रस्त सैकड़ों महिलाओं ने सड़क पर उतरकर जताया आक्रोश, ढीमरखेड़ा मार्ग पर घंटों थमे वाहनों के पहिए,पुलिस-प्रशासन के आश्वासन के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन, कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की चेतावनी

कलयुग की कलम से राकेश यादव

अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का हल्लाबोल, पोड़ी खिरवा में चक्काजाम,पैकारी से त्रस्त सैकड़ों महिलाओं ने सड़क पर उतरकर जताया आक्रोश, ढीमरखेड़ा मार्ग पर घंटों थमे वाहनों के पहिए,पुलिस-प्रशासन के आश्वासन के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन, कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की चेतावनी

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – ग्राम पोड़ी खिरवा में कथित अवैध शराब बिक्री से परेशान ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश शुक्रवार को सड़क पर दिखाई दिया। गांव में लंबे समय से चल रही अवैध शराब की बिक्री और उससे बिगड़ते सामाजिक माहौल का आरोप लगाते हुए सैकड़ों महिलाएं मुख्य मार्ग पर उतर आईं। महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया। अचानक हुए प्रदर्शन के कारण ढीमरखेड़ा मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

शराब बिक्री से परिवारों का माहौल बिगड़ने का आरोप

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव के विभिन्न हिस्सों में लंबे समय से अवैध रूप से शराब उपलब्ध कराई जा रही है। उनका कहना था कि आसानी से शराब मिलने के कारण गांव में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है और इसका सीधा असर परिवारों पर पड़ रहा है। महिलाओं के मुताबिक शराब के नशे में विवाद, गाली-गलौज और मारपीट जैसी घटनाओं से गांव का शांतिपूर्ण माहौल प्रभावित हो रहा है।

महिलाओं ने कहा कि शाम होते ही शराब पीने वालों का जमावड़ा लगने से उन्हें और बेटियों को घर से बाहर निकलने में परेशानी होती है। उनका आरोप है कि शराब की वजह से कई परिवार आर्थिक संकट और घरेलू विवादों से जूझ रहे हैं।

मेहनत की कमाई शराब में खर्च होने का आरोप

महिलाओं का कहना था कि गांव में मजदूरी और छोटे-मोटे काम कर जीवनयापन करने वाले परिवारों पर अवैध शराब की बिक्री का सबसे अधिक असर पड़ रहा है। परिवार की जरूरतों के लिए कमाई गई राशि का हिस्सा शराब में खर्च होने से बच्चों की पढ़ाई, राशन और अन्य घरेलू जरूरतों पर संकट खड़ा हो रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि अवैध शराब बिक्री की शिकायत पहले भी संबंधित विभाग और पुलिस से की गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण स्थिति लगातार बनी हुई है।

तख्तियां लेकर सड़क पर उतरीं महिलाएं

शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित होकर पोड़ी खिरवा के मुख्य मार्ग पर पहुंचीं। हाथों में तख्तियां लेकर महिलाओं ने अवैध शराब बिक्री बंद कराने की मांग की और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। बसों, ट्रकों, कारों और दोपहिया वाहनों की कतारें लग गईं।

महिलाओं का कहना था कि जब तक प्रशासन अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा नहीं देता, तब तक वे अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगी।

पुलिस-प्रशासन ने संभाला मोर्चा

चक्काजाम की सूचना मिलते ही ढीमरखेड़ा थाना पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने का भरोसा दिलाया।

कार्रवाई के आश्वासन पर खत्म हुआ चक्काजाम

अधिकारियों ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि संबंधित विभाग के सहयोग से क्षेत्र में जांच एवं कार्रवाई की जाएगी। अवैध शराब बेचने वालों की जानकारी जुटाकर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया गया। प्रशासन के आश्वासन के बाद महिलाओं ने चक्काजाम समाप्त किया, जिसके बाद सड़क पर यातायात सामान्य हो सका।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शन समाप्त करते हुए महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि गांव में अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक नहीं लगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन करेंगी। जरूरत पड़ने पर तहसील कार्यालय और जिला मुख्यालय तक अपनी आवाज पहुंचाने की बात भी महिलाओं ने कही।

ग्रामीण महिलाओं के इस प्रदर्शन ने गांवों में अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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