त्यौहारों में सख्ती, जल संरक्षण पर जोर: मुख्य सचिव के सख्त निर्देश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पुलिस प्रशासन को त्यौहारों को देखते हुए अलर्ट मोड पर रहने के आदेश, लंबित प्रकरण जल्द निपटाने के निर्देश
कलयुग की कलम से राकेश यादव

त्यौहारों में सख्ती, जल संरक्षण पर जोर: मुख्य सचिव के सख्त निर्देश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पुलिस प्रशासन को त्यौहारों को देखते हुए अलर्ट मोड पर रहने के आदेश, लंबित प्रकरण जल्द निपटाने के निर्देश
कलयुग की कलम कटनी – प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने त्यौहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। सभी एसपी को 31 मार्च तक जोनल प्लान तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने नशीले पदार्थों के विरुद्ध सख्त अभियान चलाने के साथ जन-जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने एनकोर्ड समिति की मासिक बैठक नियमित रूप से आयोजित कर उसकी कार्यवाही पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही सीएम हेल्पलाइन में 100 दिनों से अधिक समय से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
राजस्व मामलों को लेकर भी मुख्य सचिव ने सख्ती दिखाई। उन्होंने अविवादित नामांतरण और बंटवारे के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने और निर्धारित लक्ष्य के अनुसार राजस्व संग्रह बढ़ाने के निर्देश दिए। सागर, इंदौर, भोपाल और जबलपुर जिलों को विशेष ध्यान देने को कहा गया। स्वामित्व योजना के लंबित प्रकरणों को एक माह में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए बताया गया कि इस योजना में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है।
बैठक में मनरेगा के तहत जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। इन कार्यों को ‘जल गंगा अभियान’ से जोड़कर उनकी प्रगति पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि मनरेगा के अंतर्गत बड़ी संख्या में कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें जल संरक्षण को प्राथमिकता देने से अभियान को मजबूती मिलेगी।
मुख्य सचिव ने एकल नलजल योजनाओं के निर्माण कार्य 31 मार्च तक पूर्ण कर ग्राम पंचायतों को सौंपने के निर्देश दिए। साथ ही हर घर में नल कनेक्शन और नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जल स्रोतों और हैंडपंपों में रिचार्ज पिट निर्माण के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, खाद के ई-टोकन के माध्यम से शत-प्रतिशत वितरण, तथा पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है और इस संबंध में आमजन को निरंतर जानकारी दी जाए।
इसके अलावा गेंहू उपार्जन की तैयारियों, स्वरोजगार योजनाओं की लक्ष्य पूर्ति, नरवाई प्रबंधन, अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव, राहवीर योजना और प्रधानमंत्री दुर्घटना राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कटनी कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष से कलेक्टर आशीष तिवारी, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार सहित अन्य विभागों के अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।



