रंगोली, चित्रकला और कलम से गूंजा नशामुक्ति का संदेश, युवाओं ने लिया स्वस्थ समाज बनाने का संकल्प,तिलक महाविद्यालय में निबंध, रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन, विद्यार्थियों ने रचनात्मक प्रतिभा के जरिए बताए नशे के दुष्परिणाम
कलयुग की कलम से राकेश यादव

रंगोली, चित्रकला और कलम से गूंजा नशामुक्ति का संदेश, युवाओं ने लिया स्वस्थ समाज बनाने का संकल्प,तिलक महाविद्यालय में निबंध, रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन, विद्यार्थियों ने रचनात्मक प्रतिभा के जरिए बताए नशे के दुष्परिणाम
कलयुग की कलम कटनी – नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगाने और युवाओं को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से तिलक महाविद्यालय, कटनी में नशामुक्ति विषय पर निबंध लेखन, रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया और समाज को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
विद्यार्थियों की कलाकृतियों में दिखी नशामुक्त समाज की सोच
प्रतियोगिताओं के दौरान विद्यार्थियों ने अपने निबंधों, रंगोलियों और चित्रों के माध्यम से नशे के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी रचनाओं में नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने का संदेश दिखाई दिया।
विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ उसके पारिवारिक जीवन और सामाजिक संबंधों को भी प्रभावित करती है। ऐसे में युवाओं को नशे से दूर रहकर अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
युवाओं को जागरूक बनाना कार्यक्रम का उद्देश्य
आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और नशामुक्ति के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना रहा। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण पर जोर
महाविद्यालय में आयोजित इस जागरूकता गतिविधि ने रचनात्मक माध्यमों से सामाजिक संदेश प्रसारित करने का अवसर प्रदान किया। निबंध, रंगोली और चित्रकला जैसी विधाओं के जरिए विद्यार्थियों ने नशामुक्त समाज की आवश्यकता को सामने रखा।
नशे के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाने वाले ऐसे आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा देने तथा स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।



