ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी, रीठी और विजयराघवगढ़ में GPDP, OSR व दृष्टि पोर्टल पर दिया प्रशिक्षण,विकास योजनाओं से लेकर पंचायतों की आय बढ़ाने तक पर मंथन, डिजिटल कार्यप्रणाली और पारदर्शिता मजबूत करने पर जोर
कलयुग की कलम से राकेश यादव

ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी, रीठी और विजयराघवगढ़ में GPDP, OSR व दृष्टि पोर्टल पर दिया प्रशिक्षण,विकास योजनाओं से लेकर पंचायतों की आय बढ़ाने तक पर मंथन, डिजिटल कार्यप्रणाली और पारदर्शिता मजबूत करने पर जोर
कलयुग की कलम कटनी – ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की बेहतर योजना तैयार करने, स्थानीय संसाधनों से आय बढ़ाने और सरकारी कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जनपद पंचायत रीठी एवं विजयराघवगढ़ में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर के निर्देश एवं मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों में ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP), स्वयं के राजस्व स्रोत (OSR) और दृष्टि पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
प्रशिक्षण के दौरान पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करने, उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करने तथा पंचायत स्तर पर प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया।
स्थानीय जरूरतों के आधार पर तैयार होगी विकास योजना
प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। इसमें बताया गया कि पंचायतों की विकास योजनाएं तैयार करते समय स्थानीय समस्याओं, ग्रामीणों की आवश्यकताओं और क्षेत्र की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखना आवश्यक है। योजनाओं का उद्देश्य केवल विकास कार्यों का चयन करना नहीं, बल्कि उपलब्ध संसाधनों के आधार पर उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है।
पंचायतों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर
कार्यक्रम में स्वयं के राजस्व स्रोत (OSR) के महत्व पर भी चर्चा की गई। पंचायतों को अपने स्थानीय राजस्व स्रोतों की पहचान करने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और आय बढ़ाने की संभावनाओं पर ध्यान देने की जानकारी दी गई। पंचायतों की स्वयं की आय में वृद्धि होने से स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति देने और वित्तीय आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने में मदद मिल सकती है।
दृष्टि पोर्टल से डिजिटल निगरानी को मिलेगा बढ़ावा
प्रशिक्षण के दौरान दृष्टि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रविष्टि, कार्यों की निगरानी और डिजिटल कार्यप्रणाली से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी गई। इसके साथ ही अभिलेखों के व्यवस्थित संधारण, सूचनाओं को समय पर अद्यतन करने तथा डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग करने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
प्रशासनिक और वित्तीय क्षमता मजबूत करने का लक्ष्य
जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर के निर्देश पर आयोजित इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का प्रमुख उद्देश्य ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक एवं वित्तीय क्षमता को सुदृढ़ करना, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देना तथा विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
प्रशिक्षण के माध्यम से पंचायत स्तर पर कार्यरत संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को योजनाओं के प्रभावी संचालन और डिजिटल प्रक्रियाओं के बेहतर उपयोग के लिए मार्गदर्शन दिया गया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की योजना बनाने से लेकर उनके क्रियान्वयन तक की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सके।



