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आधुनिक खेती से बदली कृषि की तस्वीर 9.50 एकड़ में सब्जियों की खेती, 40 एकड़ में लहलहा रही धान की फसल! ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक अपनाकर आधुनिक खेती कर रहे राजकमल खटीक, जिला पंचायत सीईओ सहित अधिकारियों ने खेत पहुंचकर देखीं कृषि गतिविधियां

कलयुग की कलम से राकेश यादव

आधुनिक खेती से बदली कृषि की तस्वीर 9.50 एकड़ में सब्जियों की खेती, 40 एकड़ में लहलहा रही धान की फसल! ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक अपनाकर आधुनिक खेती कर रहे राजकमल खटीक, जिला पंचायत सीईओ सहित अधिकारियों ने खेत पहुंचकर देखीं कृषि गतिविधियां

कलयुग की कलम कटनी – परंपरागत खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों का इस्तेमाल किसानों के लिए बेहतर संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। इसका उदाहरण जिले के रीठी विकासखंड के ग्राम खम्हरिया नंबर-2 में देखने को मिला, जहां कृषक राजकमल खटीक बड़े रकबे में सब्जियों के साथ धान की खेती कर रहे हैं। उनकी खेती में ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। आधुनिक कृषि पद्धतियों से हो रही खेती का जायजा लेने के लिए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर सहित कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने उनके खेत का भ्रमण किया।

कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर किए गए इस भ्रमण का उद्देश्य कृषि गतिविधियों और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का अवलोकन करना था। अधिकारियों ने कृषक राजकमल खटीक द्वारा अपनाई जा रही तकनीकों, विभिन्न फसलों की स्थिति और खेती के तौर-तरीकों की जानकारी ली।

टमाटर, बैंगन और मिर्च की खेती पर विशेष जोर

कृषक राजकमल खटीक अपने खेत में कुल 9.50 एकड़ क्षेत्र में सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। इसमें 7.50 एकड़ में टमाटर, 1.50 एकड़ में बैंगन और 0.50 एकड़ क्षेत्र में मिर्च की खेती की जा रही है। इन फसलों में ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक अपनाई गई है। इन आधुनिक पद्धतियों के माध्यम से फसलों को व्यवस्थित ढंग से उगाया जा रहा है।

ड्रिप सिंचाई तकनीक के जरिए पौधों की जड़ों तक नियंत्रित मात्रा में पानी पहुंचाया जाता है, जबकि मल्चिंग से मिट्टी की नमी बनाए रखने और खरपतवार को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। कृषि क्षेत्र में इन तकनीकों का उपयोग पानी के बेहतर प्रबंधन और फसलों की देखभाल के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।

40 एकड़ में धान की फसल भी तैयार

सब्जियों की खेती के साथ कृषक राजकमल खटीक ने बड़े क्षेत्र में धान भी लगाया है। उनके खेत में लगभग 40 एकड़ क्षेत्र में धान की फसल लहलहा रही है। इस तरह वे सब्जियों और धान की खेती को साथ लेकर चल रहे हैं। उनका खेत क्षेत्र में आधुनिक कृषि पद्धतियों को समझने और अपनाने के लिए एक उदाहरण के रूप में सामने आया है।

अधिकारियों ने लिया खेती का जायजा

खेत भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न फसलों की स्थिति का अवलोकन किया और कृषक द्वारा अपनाई जा रही कृषि एवं उद्यानिकी संबंधी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर सहायक संचालक उद्यान सुश्री ऋषिका त्रिपाठी, उप संचालक कृषि श्रीमती प्रतिभा गौर, उप संचालक कृषि (आत्मा) सुश्री रजनी चौहान, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी श्री भंडारी लाल महोबिया तथा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्रीमती सुधा मरकाम सहित कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

आधुनिक तकनीकों से खेती का संदेश: खम्हरिया नंबर-2 में कृषक राजकमल खटीक द्वारा बड़े क्षेत्र में सब्जियों और धान की खेती करना यह दर्शाता है कि कृषि में तकनीक का उपयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग जैसी पद्धतियां किसानों को जल प्रबंधन और फसल देखभाल में सहायता प्रदान कर सकती हैं।

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