सांदीपनि विद्यालय रीठी में अचानक पहुंचीं जिला पंचायत सीईओ, विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद,पढ़ाई में अनुशासन, समय प्रबंधन और निरंतर मेहनत से मिलेगी सफलता, विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए किया प्रेरित
कलयुग की कलम से राकेश यादव

सांदीपनि विद्यालय रीठी में अचानक पहुंचीं जिला पंचायत सीईओ, विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद,पढ़ाई में अनुशासन, समय प्रबंधन और निरंतर मेहनत से मिलेगी सफलता, विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए किया प्रेरित
कलयुग की कलम रीठी – विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और शैक्षणिक स्तर में सुधार के उद्देश्य से जिला पंचायत सीईओ एवं आईएएस अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने सांदीपनि विद्यालय रीठी का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, शैक्षणिक प्रगति तथा भविष्य के लक्ष्यों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान सुश्री कौर ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन, अनुशासन और निरंतर परिश्रम का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि जीवन में निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए एकाग्रता, लगन और निरंतर प्रयास बेहद आवश्यक हैं। विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखते हुए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
‘शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला’
जिला पंचायत सीईओ ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए शिक्षा को व्यक्तित्व निर्माण और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे पढ़ाई के प्रति गंभीर रहें और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए निरंतर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, अनुशासन और मेहनत के बल पर विद्यार्थी जीवन में बेहतर मुकाम हासिल कर सकते हैं।
बेहतर परिणामों के लिए शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण
सुश्री कौर ने शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक परिणामों के लिए निरंतर प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने की आवश्यकता रेखांकित की।
विद्यालय के निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों को दिया गया मार्गदर्शन उन्हें पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने वाला रहा। इस प्रकार के निरीक्षण से जहां शैक्षणिक व्यवस्थाओं का आकलन होता है, वहीं विद्यार्थियों में सीखने की ललक, लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता और बेहतर प्रदर्शन की भावना को भी प्रोत्साहन मिलता है।



