उमरियापान एवं आसपास के किसानों के लिए राहत भरी खबर मूंग-उड़द बेचने वाले किसानों के लिए उमरियापान मंडी में बदला खरीदी केंद्र, 10 अगस्त तक मिलेगा समर्थन मूल्य का लाभ
कलयुग की कलम से राकेश यादव

उमरियापान एवं आसपास के किसानों के लिए राहत भरी खबर मूंग-उड़द बेचने वाले किसानों के लिए उमरियापान मंडी में बदला खरीदी केंद्र, 10 अगस्त तक मिलेगा समर्थन मूल्य का लाभ
कटनी। जिले के किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द की समर्थन मूल्य पर जारी खरीदी व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। प्रशासन ने दो उपार्जन केंद्रों के स्थल में परिवर्तन करते हुए नई व्यवस्था लागू कर दी है, जिससे किसानों को उपज विक्रय में अधिक सुविधा मिल सकेगी।
कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर किए गए इस बदलाव के तहत ढीमरखेड़ा तहसील की प्राथमिक कृषि साख समिति पान उमरिया द्वारा अब मूंग एवं उड़द की खरीदी उप कृषि उपज मंडी, उमरियापान में की जाएगी। वहीं विजयराघवगढ़ तहसील की प्राथमिक कृषि साख समिति जिवारा का उपार्जन कार्य अब मारुति वेयरहाउस, ग्राम सतवारा में संचालित होगा।
जिले में किसानों की सुविधा के लिए कुल सात उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी 1 जुलाई से शुरू होकर 10 अगस्त 2026 तक चलेगी। शासन ने इस वर्ष मूंग का समर्थन मूल्य 8,767 रुपये प्रति क्विंटल तथा उड़द का 7,800 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
उपार्जन कार्य सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक किया जाएगा। किसानों को शाम 6 बजे तक तौल पर्ची जारी की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर शनिवार को भी तौल कार्य कराया जा सकेगा।
प्रशासन ने सभी केंद्रों पर मौसम के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत वाटरप्रूफ तिरपाल, नमी मापी यंत्र, इलेक्ट्रॉनिक कांटे, छननी एवं ग्रेडिंग मशीन उपलब्ध रहेगी। खरीदी केवल एफएक्यू (औसत अच्छी गुणवत्ता) श्रेणी की उपज की ही की जाएगी।
उपज बेचने आने वाले किसानों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक, समग्र आईडी, किसान पंजीयन पर्ची, खसरा अथवा ऋण पुस्तिका तथा वनाधिकार पट्टाधारी होने पर पट्टे की प्रति साथ लाना अनिवार्य होगा। खरीदी के बाद कंप्यूटर जनित रसीद की एक प्रति किसान को उपलब्ध कराई जाएगी।
यह बदलाव विशेष रूप से उमरियापान एवं आसपास के किसानों के लिए राहत भरा माना जा रहा है, क्योंकि अब उन्हें अपनी उपज विक्रय के लिए अधिक सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा।



