पुलिस विभाग द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई के बावजूद एमपी पर नशे का जाल बुनता ही जा रहा है। बात करें राज्य के शहडोल जिले की तो यहां नशे का कारोबार करने वालों के रोज नए-नए कारनामे सामने आ रहे हैं। पुलिस की आंखो में धूल झोंक कर नशे के ये सौदागर अपना सामान खपाने के नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। आलम ये है कि तस्कर एंबुलेंस में मरीज की जगह नशे की तस्करी कर रहे हैं। जिले में नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित दवाओं को भोपाल से शहडोल एम्बुलेंस में भरकर ले जाया जा रहा था। हालांकि, शहडोल पुलिस ने घेराबंदी कर जिले के आकशवाणी के पास से चल रही चैकिंग के दौरान उसे पकड़ लिया। कार्रवाई में पुलिस ने एंबुलेंस से भारी मात्रा में नशे की दवाएं जब्त ली दवाए व एम्बुलेंस जप्त कर कार्यवाही की है।
नशे का कारोबार करने वाले शहड़ोल जिले के कल्याणपुर निवासी राहुल शुक्ला, संदीप सोनी और आदित्य उपाध्याय नशीले इंजेक्शनों की खेप ट्रेन के माध्यम से भोपाल से लेकर शहडोल आ रहे थे। शहडोल स्टेशन पर उनकी ओर किसी की नजर ना पड़े, इसलिए तीनों नशे के सौदागर नशीले इंजेक्शनों से भरे बैग को लेकर चतुराई के साथ उमरिया जिले के पाली के नजदीक मुदरिया स्टेशन पर ही उतर गये। जहां पर पहले से प्लानिंग के तहत 108 एंबुलेंस का चालक विजय केवट एंबुलेंस लेकर उनका इंतजार कर रहा था।
एम्बुलेंस से बरामद हुए 255 नग नशीले इंजेक्शन
तीनों उस एंबुलेंस में सवार होकर शहडोल नशे की खेप लेकर आ रहे रहे थे कि आकाशवाणी के समीप शहडोल पुलिस ने एम्बुलेंस रोककर उनके वाहन को रोक लिया। तलाशी ली तो उसमें से नशीले इंजेक्शनों का बड़ा जखीरा बरामद हो गया। एम्बुलेंस से कुल 255 नग इंजेक्शन बरामद किए गये हैं जो बिक्री के लिए पूर्णत: प्रतिबंधित हैं।
इस मामले में शहडोल पुलिस ने राहुल शुक्ला, संदीप सोनी और आदित्य उपाध्याय, एम्बुलेब्स चालक विजय केवट को गुरफ्तार कर लिया है। शहडोल एएसपी अभिषेक दीवान ने जब्त इंजेक्शन और एम्बुलेंस की कीमत 10 लाख से अधिक बताई जा रही है।