मध्यप्रदेश

उमरिया पान ढीमरखेड़ा सिलौंडी क्षेत्र में बाढ़ जैसी रही स्थिति नदियों ने दिखाया फिर अपना रौद्र रूप ग्रामीणों के घर में घुसा पानी गेहूं चावल सहित रोजमर्रा के उपयोग के लिए रखा हुआ गृहस्ती का समान हुआ खराब

कलयुग की कलम से राकेश यादव

उमरिया पान ढीमरखेड़ा सिलौंडी क्षेत्र में बाढ़ जैसी रही स्थिति नदियों ने दिखाया फिर अपना रौद्र रूप ग्रामीणों के घर में घुसा पानी गेहूं चावल सहित रोजमर्रा के उपयोग के लिए रखा हुआ गृहस्ती का समान हुआ खराब

कलयुग की कलम उमरिया पान -उमरिया पान ढीमरखेड़ा सिलौंडी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नदियों ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे सबसे ज्यादा हालात खराब सिलौडी निगई के रहे। निगई नदी भी उफान पर थी भारी वर्षा के कारण लोगों के घरों में पानी घुस गया,जिससे घरों में रोजमर्रा के उपयोग के लिए रखे गए गेहूं, चावल सहित अन्य गृहस्ती की चीजें खराब हो गई हैं।

*गुरुवार की रात से लगातार बारिश*

गुरुवार की रात से लगातार हो रही बारिश के कारण शुक्रवार सुबह से ही सिलौडी क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। बेलकुंड मौरी, दतला, हिरण, लभेर, सुआ नदी उफान पर रही। उमरिया पान से ढीमरखेड़ा को जोड़ने वाला गर्राघाट पुल भी लगभग पूरा दिन बंद रहा।

*सिलौडी क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति*

सिलौडी क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा सिलौडी से कुंडम को जोड़ने वाली नदी भी उफान पर रही सिहोरा से सिलौडी मार्ग भी रहा बंद चारों तरफ से नदी-नालों ने अपना रौद्र रूप दिखाया,जिससे लोगों में दहशत का माहौल रहा बारिश और बाढ़ इतनी तेज थी कि जो लोग जहां पर रहे वहीं फंसे के फंसे रह गए।

*लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त*

लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोगों को अपने दैनिक कार्यों को करने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्कूल, कॉलेज और अस्पताल सहित अन्य संस्थानों में पानी भरा रहा।प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए कहा गया है। ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री समाजसेवियों एवं सरपंच सचिव द्वारा जरूरतमंद लोगों को मदद की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सर्वे कराकर जिन गरीब लोगों का नुकसान हुआ है उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए जिससे गरीब व्यक्तियों को कुछ सहारा मिल सके।

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