मध्य प्रदेश पुलिस के अलग-अलग जिलों के अधिकारी और जवान वायरलेस सेट पर अपनी लोकेशन बताते हैं। कई बार लोकेशन कहीं और होती है और वायरलेस सेट पर कुछ और लोकेशन बताई जाती है। इस पर नजर रखने के लिए लेकिन जबलपुर पुलिस एक ऐप तैयार करवा रही है, जो रीयल टाइम लोकेशन बताएगा। यह ऐप सीएसपी से लेकर सिपाही तक के मोबाइल फोन पर इंस्टॉल किया जाएगा। इसे गश्त को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
कई बार एक ही जगह पर कट जाती है रात
रात के वक्त सीएसपी से लेकर थाना प्रभारी, एसआई, एएसआई, हवलदार और सिपाही गश्त करते हैं। कई बार वे चौक चौराहों पर रात काट देते है लेकिन कंट्रोल रूम लोकेशन पूछता है, तो वे अलग-अलग जगहों पर अपनी लोकेशन बता देते है। इस कारण क्षेत्रों में प्रभावी गश्त नहीं हो पाती और चोरी या अन्य संपत्ति सम्बंधी वारदातें होती है।
डेटा और हिस्ट्री भी
गश्त प्रभावी हो, इसके लिए एसपी सम्पत उपाध्याय द्वारा एक ऐप तैयार कराया जा रहा है। यह ऐप सभी अधिकारियों और जवानों के मोबाइल पर होगा। एसपी और एएसपी के पास इसका एक्सेस होगा। जिसमें वे डेशबोर्ड पर जिस भी अधिकारी और जवान की लोकेशन देखना चाहें, तो एक क्लिक पर लोकेशन नजर आ जाएगी। ऐप में सीएसपी से लेकर सिपाहियों तक की मॉनिटरिंग की जाएगी। इसमें रियल टाइम डेटा और हिस्ट्री भी होगी। जिसे कभी भी देखा जा सकता है।