आंगनबाड़ी के नौनिहालों के चेहरों पर खिली मुस्कान, सेवा संकल्प अभियान के तहत बांटी गई पाठन सामग्री और फल,शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की अनूठी पहल, बच्चों को पढ़ाई के लिए किया प्रेरित
कलयुग की कलम से राकेश यादव

आंगनबाड़ी के नौनिहालों के चेहरों पर खिली मुस्कान, सेवा संकल्प अभियान के तहत बांटी गई पाठन सामग्री और फल,शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की अनूठी पहल, बच्चों को पढ़ाई के लिए किया प्रेरित
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – सेवा, सहयोग और शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश लेकर शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने सराहनीय पहल की। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय की ओर से गोद ग्राम पौड़ी कला बी की दो आंगनबाड़ियों में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान आंगनबाड़ी के बच्चों को पाठन सामग्री एवं फल वितरित किए गए। उपहार स्वरूप शैक्षणिक सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य सुश्री काव्या साहू के मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार नागवंशी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने बच्चों को पहाड़ा, रजिस्टर, पेंसिल, रबर और शार्पनर सहित आवश्यक पाठन सामग्री प्रदान की। इसके साथ ही बच्चों को फल वितरित कर पोषण के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
बच्चों से किया संवाद, पढ़ाई के लिए बढ़ाया उत्साह
सामग्री वितरण के दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों एवं प्राध्यापकगण ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई करने, नई चीजें सीखने और शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ ही उनके बीच सहयोग और सेवा की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।
स्वयंसेवकों और प्राध्यापकों का रहा विशेष योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक प्रभु दयाल बर्मन, निखिल बर्मन, सागर पटेल, राधिका कुम्हार, शिवानी पटेल, मुस्कान पटेल, तुलसा विश्वकर्मा, पूजा तिवारी एवं वंशिका चौहान सहित अन्य स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
वहीं, डॉ. अखिलेश कुमार द्विवेदी, डॉ. हर्षित द्विवेदी, डॉ. राजाराम सिंह, डॉ. मनीषा व्यास, डॉ. श्वेता सिंह बघेल, डॉ. सचिन कोष्टा तथा राजीव एवं जसपाल पाजी का विशेष योगदान रहा।
इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने यह संदेश दिया कि समाज के नन्हे बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और उनके पोषण का ध्यान रखना एक बेहतर एवं जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।



