जबलपुर- निजी अस्पताल और पैथोलॉजी संचालकों ने सीएमएचओ के आदेश को दरकिनार कर दिया है। वे मरीजों को देख रहे हैं तो वहीं पैथोलॉजी में नए मरीजों के खून की जांच भी की जा रही है। इन चिकित्सा संस्थानों में लायसेंस की अवधि समाप्त होने पर तत्काल प्रभाव से इनकी सेवाओं को रोकने के निर्देश दिए थे लेकिन बुधवार को एक्सपोज स्कैन में यह सामने आया कि मरीज आ रहे थे, जिनका इलाज भी दिया जा रहा था। पैथोलॉजी में खून की जांच के लिए सेंपल लिया जा रहा था। मामले में जिम्मेदार का कहते हैं कि आदेश के बाद 40 लोगों ने लायसेंस लेने आवेदन दिए हैं। अन्य संस्थानों की जांच की जाएगी। शहर के नामचीन निजी अस्पताल संचालन के लिए आवश्यक दस्तावेज नहीं होने और नवीन पंजीयन नहीं कराने की दिशा में मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी ने पंजीकरण रद़्द कर दिया था। इसके साथ ही 122 पैथोलॉजी का लायसेंस नहीं होने की वजह से उसे तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए थे। इसमें सीएमएचओ ने पुराने मरीजों के मामले में रियायत बरते हुए उनके इलाज और जांच के लिए छूट दी थी लेकिन नए मरीजों को लेने स्पष्ट मना किया था। लेकिन उसके बाद भी इन चिकित्सा संस्थानों ने निर्देश को दरकिनार करते हुए कामकाज सामान्य रखा।