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शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरिया पान में योग, अनुशासन और राष्ट्रचेतना से सजा युवा दिवस सामूहिक सूर्य नमस्कार ने दिया छात्राओं-छात्रों को स्वस्थ जीवन का संदेश

कलयुग की कलम से राकेश यादव

शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरिया पान में योग, अनुशासन और राष्ट्रचेतना से सजा युवा दिवस सामूहिक सूर्य नमस्कार ने दिया छात्राओं-छात्रों को स्वस्थ जीवन का संदेश

कलयुग की कलम उमरिया पान 500 -राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरिया पान में प्रेरणादायी और अनुकरणीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्था प्राचार्य श्री दिलीप बाजपेई के नेतृत्व में विद्यालय प्रांगण में सामूहिक सूर्य नमस्कार, प्राणायाम एवं योगासन का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें छात्राओं के साथ-साथ शिक्षक, जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन से किया गया। इसके पश्चात महान युवा प्रेरक स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राष्ट्रीय गीत के सामूहिक गायन से वातावरण राष्ट्रभक्ति और अनुशासन की भावना से ओतप्रोत हो गया।

योग सत्र के दौरान सूर्य नमस्कार के विभिन्न चरणों के साथ-साथ प्राणायाम एवं सरल योगासन कराए गए। प्राचार्य श्री दिलीप बाजपेई ने अपने उद्बोधन में कहा कि “युवा दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि युवाओं को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से सशक्त बनाने का संकल्प दिवस है। योग और अनुशासन से ही स्वस्थ, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक का निर्माण संभव है।” उन्होंने छात्राओं को नियमित योग अपनाने और सकारात्मक जीवन मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में ग्राम सरपंच अटल ब्यौहार, कालूराम चौरसिया, शैलेंद्र पौराणिक, दीपक नामदेव, श्रीमती गिरजा ठाकुर, कृष्ण कुमार चौरसिया, एम.एल. ठाकुर, भागचंद झारिया सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। अतिथियों ने युवा पीढ़ी को स्वामी विवेकानंद के विचारों पर चलने, आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा को जीवन का लक्ष्य बनाने का संदेश दिया।

विद्यालय के समस्त शैक्षणिक स्टाफ, अतिथि शिक्षक एवं छात्राओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। योग अभ्यास के दौरान अनुशासन, समर्पण और सामूहिक सहभागिता देखते ही बनती थी। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं एवं छात्रों के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक सशक्तिकरण और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना रहा।

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