सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर अब सख्ती! लापरवाही बरती तो होगी जवाबदेही तय,जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर के कड़े निर्देश—आज से सर्वोच्च प्राथमिकता पर करें शिकायतों का निराकरण, केवल कागजों में नहीं, जनता को मिलना चाहिए वास्तविक समाधान
कलयुग की कलम से राकेश यादव

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर अब सख्ती! लापरवाही बरती तो होगी जवाबदेही तय,जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर के कड़े निर्देश—आज से सर्वोच्च प्राथमिकता पर करें शिकायतों का निराकरण, केवल कागजों में नहीं, जनता को मिलना चाहिए वास्तविक समाधान
कलयुग की कलम कटनी – सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने जिले की सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सोमवार से ही सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। लंबित शिकायतों पर विशेष ध्यान देते हुए उनका समय-सीमा में संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निराकरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण नहीं, समस्या का समाधान जरूरी
जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासन की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याएं और शिकायतें संबंधित विभागों तक पहुंचाते हैं। ऐसे में प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। शिकायतों का निराकरण केवल पोर्टल पर औपचारिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों की वास्तविक स्थिति का परीक्षण करें, आवश्यकता पड़ने पर शिकायतकर्ता से संपर्क स्थापित करें और नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही, लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उनका निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए।
जनपद सीईओ स्वयं करें निगरानी, लंबित मामलों की नियमित समीक्षा
सुश्री कौर ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की प्रगति पर स्वयं नजर रखें। लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा करें तथा संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर निराकरण की प्रक्रिया में तेजी लाएं। किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों से जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सीएम हेल्पलाइन में बेहतर प्रदर्शन के साथ आम नागरिकों को उनकी समस्याओं से वास्तविक राहत दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को गंभीरता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
जनता की संतुष्टि ही निराकरण की असली कसौटी
जिला पंचायत सीईओ के निर्देशों का उद्देश्य सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में तेजी लाने के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाना है। अब सभी जनपद पंचायतों को लंबित शिकायतों पर विशेष ध्यान देते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि शिकायतकर्ताओं को समय पर राहत मिले और उनकी समस्याओं का संतुष्टिपूर्ण समाधान हो सके। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि शिकायतों के निराकरण में खानापूर्ति के बजाय वास्तविक कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाए।



