प्रशासनमध्यप्रदेश

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी ने पकड़ी रफ्तार, जिले में 2.68 लाख मीट्रिक टन उपार्जन, किसानों को 331 करोड़ से अधिक का भुगतान ढीमरखेड़ा क्षेत्र के कुछ उपार्जन केंद्रों में परिवहन की गति धीमी 

कलयुग की कलम से राकेश यादव

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी ने पकड़ी रफ्तार, जिले में 2.68 लाख मीट्रिक टन उपार्जन, किसानों को 331 करोड़ से अधिक का भुगतान ढीमरखेड़ा क्षेत्र के कुछ उपार्जन केंद्रों में परिवहन की गति धीमी 

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा -खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य तेज़ी से जारी है। 1 दिसंबर से प्रारंभ हुई खरीदी में शनिवार 27 दिसंबर तक जिले के 32 हजार 27 कृषकों से कुल 2 लाख 68 हजार 174 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। अब तक 57 हजार 923 किसानों द्वारा स्लॉट बुकिंग कराई गई है, वहीं 1 लाख 90 हजार 290 मीट्रिक टन धान के स्वीकृति पत्रक जारी किए जा चुके हैं। उपार्जित धान के एवज में किसानों को अब तक 331.31 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

धान उपार्जन में बहोरीबंद अव्वल

जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के मामले में बहोरीबंद तहसील अग्रणी बनी हुई है। यहां 6 हजार 264 किसानों से 54 हजार 218 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है। दूसरे स्थान पर ढीमरखेड़ा तहसील है, जहां 6 हजार 82 किसानों से 41 हजार 616 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। हालांकि ढीमरखेड़ा क्षेत्र के कुछ उपार्जन केंद्रों में परिवहन की गति धीमी होने से किसानों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

इसी तरह बड़वारा तहसील में 4 हजार 722 किसानों से 35 हजार 922 मीट्रिक टन, रीठी तहसील में 3 हजार 419 किसानों से 32 हजार 888 मीट्रिक टन तथा विजयराघवगढ़ तहसील में 3 हजार 786 किसानों से 31 हजार 571 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है। बरही तहसील में 2 हजार 859 किसानों से 26 हजार 68 मीट्रिक टन धान खरीदा गया।

इसके अलावा कटनी नगर तहसील में 1 हजार 457 किसानों से 15 हजार 173 मीट्रिक टन, कटनी ग्रामीण तहसील में 1 हजार 59 किसानों से 8 हजार 541 मीट्रिक टन तथा स्लीमनाबाद तहसील में 2 हजार 379 किसानों से 22 हजार 178 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।

कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

कलेक्टर श्री तिवारी ने धान उपार्जन से जुड़े सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उपार्जन केंद्रों पर तिरपाल, पन्नी सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने खरीदी केंद्र प्रभारियों को दो टूक शब्दों में चेताया कि किसानों के हित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों को समय पर सुविधा और भुगतान मिलना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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