प्रशासनमध्यप्रदेश

उद्यमियों के लिए वरदान बनी मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना घरेलू प्लास्टिक उत्पादों के निर्माण की इकाई लगाकर युवा उद्यमी रवि कमा रहे हर माह 8 से 10 लाख रुपए हर दिन 60 से 70 लोगों को मिल रहा रोजगार मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में है प्लास्टिक उत्पादों की मांग

कलयुग की कलम से राकेश यादव

उद्यमियों के लिए वरदान बनी मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना घरेलू प्लास्टिक उत्पादों के निर्माण की इकाई लगाकर युवा उद्यमी रवि कमा रहे हर माह 8 से 10 लाख रुपए हर दिन 60 से 70 लोगों को मिल रहा रोजगार मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में है प्लास्टिक उत्पादों की मांग

कलयुग की कलम कटनी-राज्य शासन की मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना – 2021 का लाभ लेकर युवा उद्यमी रवि खटवानी ने औद्योगिक क्षेत्र अमकुही मे घरेलू उपयोग के प्लास्टिक उत्पादों के निर्माण की इकाई लगाकर हर माह आठ से दस लाख रुपए प्रतिमाह अर्जित कर रहे है। युवा उद्यमी रवि इस औद्योगिक इकाई के माध्यम से प्रतिदिन 60 से 70 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अपनी औद्योगिक इकाई में रोजगार भी दे रहे है। 

युवा उद्यमी रवि खटवानी बताते है कि वे पहले घरेलू उपयोग के प्लास्टिक उत्पादों को मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों से थोक मे मंगाकर इनकी ट्रेडिंग का काम करते थे। इस क्षेत्र मे काम करते हुए हमें इसका आकलन हो गया कि घरेलू प्लास्टिक उत्पादों की मांग के मद्देनजर संभावनाशील क्षेत्र का अंदाजा होने पर उन्होंने स्वयं इनके निर्माण की इकाई लगने का मन बनाया। मुझे इसके लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र से काफी मदद मिली। इसके बाद मेने मुख्यमंत्री एमएसएमई प्रोत्साहन योजना अंतर्गत करीब 2.5 करोड़ की लागत से प्लास्टिक उत्पाद निर्माण की गीता प्लास्टिक इकाई लगाया। यह इकाई औद्योगिक क्षेत्र अमकुही मे 5400 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्थापित है और वर्तमान मे इस इकाई के बने प्लास्टिक उत्पादों जैसे प्लास्टिक मग, साबुन दानी, आर्टिफीशियल मंगलसूत्र पैकिंग बाक्स, विभिन्न आकारों के शीशे, ज्वेलरी बाक्स, साड़ी बाक्स, जैसे कई घरेलू उपयोग के प्लास्टिक उत्पाद बनाये जाते है। जिनकी मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़ के कई जिलों मे अपनी गुणवत्ता और मजबूती की वजह से उत्पादों की अच्छी खासी मांग है।

 

 

 

इन जिलों में है सप्लाई

युवा उद्यमी रवि खटवानी ने बताया कि घरेलू प्लास्टिक उत्पादों की मध्यप्रदेश के मैहर, सतना, रीवा, जबलपुर, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, अनूपपुर, विदिशा, शहडोल जिलों सहित छत्तीसगढ के रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जिलों में प्लास्टिक उत्पाद भेजा जाता है। इसके अलावा महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के व्यापारियों के बीच भी हमारे प्लास्टिक उत्पादों को काफी पसंद किया जा रहा है। 

युवा उद्यमी रवि ने बताया कि प्लास्टिक के सामानों को बनाने के लिए कच्चा माल इंदौर और जबलपुर डिपो से प्लास्टिक दाना ग्रेन्युअल्स की बोरी मंगाते है। 25 किलो की बोरी करीब 2500 रुपए में मिलती है। इसके बाद इस ग्रेन्युअल की कलरिंग अपनी यूनिट में ही की जाती है और इसके बाद मोल्डिंग मशीनों से विभिन्न प्रकारों के प्लास्टिक उत्पादों को तैयार किया जाता है। युवा उद्यमी रवि खटवानी ने कहा कि लघु उद्यमियों के औद्योगिक इकाई स्थापना हेतु मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना उद्यमियों के लिए वरदान साबित हो रही है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के प्रति धन्यवाद भी ज्ञापित किया है।  वहीं जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक दिनेश कुमार मर्सकोले ने बताया कि उद्यम स्थापना के लिए मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना शासन द्वारा नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की दृष्टि से मील का पत्थर साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि गीता प्लास्टिक औद्योगिक इकाई के लिए योजनान्तर्गत 98 लाख रुपए का अनुदान शासन द्वारा युवा उद्यमी रवि खटवानी को दिया जायेगा।

Related Articles

Back to top button