सिहोरा में महिलाओं का फूटा आक्रोश: सांप्रदायिक घटना की निष्पक्ष जांच की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
कलयुग की कलम से राकेश यादव

सिहोरा में महिलाओं का फूटा आक्रोश: सांप्रदायिक घटना की निष्पक्ष जांच की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
कलयुग की कलम सिहोरा – हाल ही में क्षेत्र में हुई सांप्रदायिक घटना को लेकर सिहोरा की महिलाओं ने संगठित होकर निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग उठाई। महिलाओं ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) सिहोरा को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि घटना के बाद दर्ज एफआईआर में हिंदू पक्ष के युवाओं पर गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जिससे परिवारों में आक्रोश व्याप्त है।
महिलाओं ने कहा कि उनके देवी मंदिर पर हमला हुआ, लेकिन कार्रवाई के नाम पर उनके ही बच्चों को आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया। उन्होंने एफआईआर में दर्ज धाराओं पर पुनर्विचार करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की, ताकि वास्तविक दोषियों पर ही कार्रवाई हो सके।
ज्ञापन में महिलाओं ने प्रशासन से आग्रह किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं हुई तो वे व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में संध्या दिलीप दुबे, अंजली गोलू पांडे, वंदना, विमला रजक, आकांक्षा गुप्ता, प्रीति रजक, सुमित्रा, कंचन, शीला, मंजू मिश्रा, आरती, रमा, रीता, आंचल सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।महिलाओं ने एक स्वर में कहा — “निष्पक्ष जांच ही शांति और विश्वास बहाल कर सकती है।”



