शासकीय तिलक महाविद्यालय में जन्माष्टमी पर हुये विविध आयोजन भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों में निहित है जीवन जीने की कला छात्र -छात्राओ ने सुनायें भक्ति गीत
कलयुग की कलम से राकेश यादव
शासकीय तिलक महाविद्यालय में जन्माष्टमी पर हुये विविध आयोजन भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों में निहित है जीवन जीने की कला छात्र -छात्राओ ने सुनायें भक्ति गीत
कलयुग की कलम कटनी-प्रधानमन्त्री कालेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सुधीर कुमार खरे के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित करके हुआ।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ खरे ने श्रीकृष्ण के बताये मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया और कहा कि इस कार्यक्रम को आयोजित करने का उद्देश्य भारतीय परम्परा से आज के युवाओं को अवगत कराना है। इसके साथ ही साथ भगवान श्रीकृष्ण की मुरली की उपयोगिता पर भी अपने विचार रखे। मुरली उनके दैनिक चिंतन का प्रयोजन है। यह दिव्य मूल्यों पर एक कक्षा के समान है।बांसुरी की ध्वनि निम्न और मध्य स्वर में बहुत कोमल और शांत होती है। लेकिन उच्च स्वर में यह तीखी तेज और चुभने वाली होती है तथा बांसुरी रखने के महत्व पर भी प्रमुखता से प्रकाश डाला गया ।
बीज वक्ता डाॅ विजय कुमार ने श्रीकृष्ण के जीवन को आधुनिक परिवेश से जोड़कर अपने विचार व्यक्त किया इसके साथ ही साथ यह भी कहा कि कृष्ण का जीवन आलौकिक होने पर भी वह लौकिक जीवन से जुड़ा हुआ दिखाई पड़ता है। श्रीकृष्ण पर बात करते हुए यह भी कहा कि लोगों को जीवन जीने की कला यदि किसी से सीखनी चाहिए तो वह हैं कृष्ण। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव कार्यक्रम में दीपशिखा पटेल, रितिका रजक, रुचि रजक, साक्षी मिश्रा ने सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता लिया।
इस कार्यक्रम का संचालन डॉ माधुरी गर्ग एवं आभार डॉक्टर सरदार दिवाकर द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ हेमलता गर्ग, डॉ एम पी यादव, डॉ विनय वाजपेयी, डॉ के. पी. मिश्रा, डॉ नाहिद सिद्दकी,प्रोफेसर जी.एम.मुस्तफा, प्रोफेसर लक्ष्मी नायक, डॉ माधुरी गर्ग, डॉ प्रतिमा त्रिपाठी, प्रोफेसर उर्मिला दुबे, डॉ वीरेंद्र कुमार द्विवेदी प्रभारी कैरियर सेल, ज्योत्सना आठ्या, डॉ सरदार दिवाकर, डॉक्टर रुक्मणी प्रताप सिंह, शंकर कुमार मेहता, डा. अजय कुमार ठाकुर, डॉ. अतुल कुमार, आनंद प्रताप सिंह, राजेश साहू, डॉ सुची सिंह, डॉ ज्ञानेंद्र मोहन श्रीवास्तव, डॉ विजय कुमार, विनोद कुमार लोधी,आयूष तिवारी, डॉ शैलजा बरसाइयां आदि ने इस कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।



