उमरिया पान झंडा चौक बना खतरे का केंद्र! सड़क के बीचों-बीच निकली लोहे की छड़ें, दो महीने से हादसों को दे रहीं खुला न्योता जिम्मेदार बेपरवाह
कलयुग की कलम से राकेश यादव

उमरिया पान झंडा चौक बना खतरे का केंद्र! सड़क के बीचों-बीच निकली लोहे की छड़ें, दो महीने से हादसों को दे रहीं खुला न्योता जिम्मेदार बेपरवाह
कलयुग की कलम उमरिया पान – नगर का सबसे व्यस्त और प्रमुख स्थल झंडा चौक इन दिनों गंभीर खतरे का केंद्र बना हुआ है। यहां सड़क के ठीक बीचों-बीच लोहे की नुकीली छड़ें (सरिया) बाहर निकली हुई हैं, जो हर पल किसी बड़े हादसे को आमंत्रित कर रही हैं। हैरानी की बात यह है कि यह स्थिति पिछले दो महीनों से जस की तस बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक पूरी तरह अनदेखी किए हुए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, झंडा चौक से प्रतिदिन हजारों वाहन और राहगीर गुजरते हैं। दिन में तो किसी तरह ये छड़ें दिखाई दे जाती हैं, लेकिन रात के समय यह स्थान बेहद खतरनाक बन जाता है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह गंभीर जोखिम साबित हो रहा है। कई बार वाहन चालक बाल-बाल बच चुके हैं, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
सड़क के बीच निकली ये लोहे की छड़ें न केवल वाहनों के टायर फाड़ सकती हैं, बल्कि तेज रफ्तार में वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त भी हो सकते हैं। पैदल चलने वाले लोगों के गिरने पर गंभीर चोट का खतरा बना रहता है। वहीं, इस क्षेत्र में घूमने वाले मवेशियों के लिए भी यह स्थिति बेहद खतरनाक है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी मार्ग से रोजाना कई जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि गुजरते हैं, लेकिन इतनी बड़ी समस्या पर किसी का ध्यान नहीं गया। स्थानीय नागरिकों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि प्रशासन शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि या तो इन खतरनाक छड़ों को तुरंत हटाया जाए या फिर सड़क की समुचित मरम्मत कराई जाए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो झंडा चौक पर कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेता है या फिर स्थिति यूं ही अनदेखी का शिकार बनी रहती है।



