उमरिया पान थाना पभारी श्री तिवारी अब बाकल थाने की संभालेंगे कमान अनुशासन, संवेदनशीलता और जनसंपर्क एक बेहतर, कर्मठ और ईमानदार, संतुलित पुलिसिंग की क्षेत्र में मिसाल, पेश की
कलयुग की कलम से राकेश यादव

उमरिया पान थाना पभारी श्री तिवारी अब बाकल थाने की संभालेंगे कमान अनुशासन, संवेदनशीलता और जनसंपर्क एक बेहतर, कर्मठ और ईमानदार, संतुलित पुलिसिंग की क्षेत्र में मिसाल, पेश की
कलयुग की कलम उमरिया पान -उमरियापान थाना प्रभारी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान सख्त कानून व्यवस्था, प्रभावी अपराध नियंत्रण और मानवीय पुलिसिंग से अलग पहचान बनाने वाले निरीक्षक दिनेश तिवारी को अब बाकल थाने की कमान सौंपी गई है। उमरियापान थाने में उनकी तैनाती को क्षेत्रवासी आज भी “कड़क लेकिन संवेदनशील पुलिसिंग” के रूप में याद करते हैं।
श्री तिवारी के नेतृत्व में उमरियापान थाना क्षेत्र में नियम-कानून का पालन सख्ती से कराया गया। जुआ, अवैध शराब, नशे में वाहन चलाने और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के विरुद्ध लगातार विशेष अभियान चलाए गए। उनके कार्यकाल में अपराधियों में पुलिस का ऐसा खौफ रहा कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियां लगभग न के बराबर हो गईं थीं। संगठित अपराधों में लिप्त व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई, जिससे कई मामलों में आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने में पुलिस को सफलता मिली।
केवल सख्ती ही नहीं, बल्कि श्री तिवारी ने बेहतर पुलिसिंग का मानवीय चेहरा भी प्रस्तुत किया। वे समय-समय पर धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे, जिससे पुलिस और आमजन के बीच विश्वास का सेतु मजबूत हुआ। जरूरतमंदों की मदद करना, ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित करना और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा रहा। यही कारण है कि उमरियापान क्षेत्र में पुलिस के प्रति सकारात्मक माहौल बना।
नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान उनके कार्यकाल की एक और बड़ी उपलब्धि रही। स्कूलों, कॉलेजों और विद्यालयों में पहुंचकर उन्होंने छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया। साथ ही साइबर फ्रॉड से बचाव, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और यातायात नियमों के पालन जैसे विषयों पर भी युवाओं को समझाइश दी। हेलमेट लगाकर वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए चलाए गए अभियानों का असर साफ तौर पर देखने को मिला।
श्री तिवारी की कार्यशैली में अनुशासन, संवेदनशीलता और जनसंपर्क का संतुलन देखने को मिला। यही वजह है कि उन्हें एक बेहतर, कर्मठ और ईमानदार पुलिस अधिकारी के रूप में पहचाना जाता है। अब जब उन्हें बाकल थाने की कमान सौंपी गई है, तो क्षेत्रवासियों को उनसे उसी तरह की सख्त, पारदर्शी और जनहितैषी पुलिसिंग की उम्मीद है, जैसी उन्होंने उमरियापान में स्थापित की। नगर वासियों एवं ग्रामीणों ने ऐसे ही बाकल थाने में बेहतर कार्य की अपेक्षा की है।



