भटके मासूम को ‘फरिश्ता’ बनी उमरिया पान पुलिस, कुछ ही घंटों में परिजनों से मिलाया 5 साल का बच्चा
कलयुग की कलम से राकेश यादव

भटके मासूम को ‘फरिश्ता’ बनी उमरिया पान पुलिस, कुछ ही घंटों में परिजनों से मिलाया 5 साल का बच्चा
कलयुग की कलम उमरिया पान – पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता का एक सराहनीय उदाहरण उमरिया पान क्षेत्र में देखने को मिला। यहां पुलिस टीम ने रास्ता भटककर इधर-उधर घूम रहे 5 वर्षीय मासूम बच्चे को सुरक्षित ढूंढकर कुछ ही घंटों के भीतर उसके माता-पिता से मिलवा दिया। अपने बच्चे को सकुशल देखकर परिजनों की आंखें खुशी से भर आईं और उन्होंने पुलिस का आभार जताया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे ग्राम पंचायत महनेर में एक छोटा बच्चा अकेला घूमते हुए दिखाई दिया, जो अपना घर और रास्ता भूल गया था। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना तुरंत उमरिया पान पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उप निरीक्षक महेंद्र जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हो गई और डायल-112 की मदद से बच्चे को सुरक्षित थाना लाया गया।
पुलिस के स्नेह से खुला बच्चे का पता
थाने पहुंचने पर बच्चा अनजान माहौल के कारण सहमा हुआ था। पुलिसकर्मियों ने उसे डराने के बजाय प्यार और अपनत्व से बात की। धीरे-धीरे बच्चे का डर कम हुआ और उसने अपने गांव का नाम कोठी बताया।
समन्वय से मिला परिवार का सुराग
बच्चे द्वारा बताई गई जानकारी के आधार पर उमरिया पान पुलिस ने तत्काल ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम कोठी में संपर्क किया। पुलिस की सक्रियता और समन्वय के चलते कुछ ही समय में बच्चे के माता-पिता का पता चल गया। जब परिजन थाने पहुंचे और अपने बच्चे को सुरक्षित देखा, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। आवश्यक पुष्टि के बाद पुलिस ने मासूम को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों का रहा मार्गदर्शन
इस सराहनीय कार्य में पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनव विश्वकर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष ढेरिया तथा एसडीओपी स्लीमनाबाद आकांक्षा चतुर्वेदी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
उमरिया पान पुलिस की इस मानवीय पहल की क्षेत्रभर में प्रशंसा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता ने एक परिवार की बड़ी चिंता को कुछ ही घंटों में खुशी में बदल दिया।



