मध्यप्रदेश

उज्जैन बोरवेल हादसा: 22 घंटे के रेस्क्यू के बाद भी नहीं बच सका मासूम भागीरथ, 200 फीट गहरे बोरवेल में गिरा था..

कलयुग की कलम से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

22 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद भी NDRF, SDRF और प्रशासनिक अमला बोरवेल में गिरे मासूम भागीरथ को बचा नहीं पाया। बीते गुरुवार रात 8 बजे से शुरू हुए इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद से ही कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, SP प्रदीप शर्मा घटनास्थल पर पहुंच गए थे। उज्जैन ही नहीं बल्कि इंदौर, हरदा से भी SDRF की टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया था। टीम रेस्क्यू के साथ ही बोरवेल के पास समानांतर टनल खोदकर भागीरथ को बचाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन अथक मेहनत के बावजूद भी भागीरथ की 200 फीट गहरे बोरवेल में फंसने से मौत हो गई।

बुधवार शाम 6:30 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद NDRF-SDRF की टीम ने लोहे की छड़, रस्सी और बोरवेल की मोटर निकालने वाली मशीन की मदद से भागीरथ के शव को बाहर निकाला। झलारिया गांव से स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम बच्चे के शव को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल लेकर गई, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद भागीरथ के शव को परिजन को सौंप दिया जाएगा।

जानें क्या है पूरा मामला

राजस्थान के पाली का रहने वाला भागीरथ (3) परिवार के साथ भेड़ चराने के लिए बड़नगर के झलारिया गांव आया हुआ था। गुरुवार रात 8 बजे जब परिवार काम में व्यस्त था, तभी खेलते-खेलते भागीरथ एक खुले बोरवेल के पास जा पहुंचा और गिर गया. जैसे ही परिजनों को इसका पता चला, चीख-पुकार मच गई. देखते ही देखते पुलिस-प्रशासन हरकत में आ गया।

पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। उज्जैन के साथ ही अन्य जिलों से NDRF-SDRF की टीमें बुलाई गईं. रात 8 बजे से शुरू किए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन को बुधवार शाम 6:30 बजे खत्म किया गया। 200 फीट गहरे बोरवेल में करीब 70 फीट पर फंसे भागीरथ को बाहर तो निकाला गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। भागीरथ का शव जब बोरवेल से बाहर निकला तो वहा माहौल गमगीन हो गया। NDRF, SDRF, प्रशासनिक अधिकारी से लेकर ग्रामीण तक गमगीन नजर आए।

बेटे भागीरथ की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पिता पूसाराम, मां जत्तू बाई के साथ ही अन्य परिजन रोते-बिलखते दिखाई दिए। कल रात से ही परिजन भगवान से यही प्रार्थना कर रहे थे कि किसी तरह भागीरथी की जान बच जाए। हालांकि भगवान को शायद कुछ और ही मंजूर था। यही कारण है कि लाख प्रयासों के बावजूद भी उसको बचाया नहीं जा सका।

अंत तक घटनास्थल पर रहे कलेक्टर-SP

भागीरथ के बोरवेल में गिरने का यह ऐसा मामला था, जिसकी जानकारी लगने के बाद उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और SP प्रदीप शर्मा कल रात को ही घटनास्थल पहुंच गए थे. NDRF और SDRF की टीम के द्वारा किए जा रहे रेस्क्यू कार्य की समीक्षा कर रहे थे।

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