प्रशासनमध्यप्रदेश

मिलावटखोरों पर कड़ा प्रहार: कटनी में तेल फैक्ट्री पर प्रशासन का बड़ा छापा, खुलीं चौंकाने वाली अनियमितताएं कलेक्टर श्री तिवारी के सख्त निर्देश पर संयुक्त टीम की कार्रवाई, कई नामी ब्रांडों के तेल और संदिग्ध पैकेजिंग सामग्री जब्त

कलयुग की कलम से राकेश यादव

मिलावटखोरों पर कड़ा प्रहार: कटनी में तेल फैक्ट्री पर प्रशासन का बड़ा छापा, खुलीं चौंकाने वाली अनियमितताएं कलेक्टर श्री तिवारी के सख्त निर्देश पर संयुक्त टीम की कार्रवाई, कई नामी ब्रांडों के तेल और संदिग्ध पैकेजिंग सामग्री जब्त

कलयुग की कलम कटनी – जिले में मिलावटखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुठला स्थित एक तेल गोदाम और कारखाने पर छापा मारा। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

अनुविभागीय राजस्व अधिकारी श्री प्रमोद चतुर्वेदी के नेतृत्व में राजस्व, खाद्य एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की संयुक्त टीम ने उत्तम ट्रेडर्स (प्रोप्राइटर अतुल सचदेवा) के प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में विभिन्न खाद्य तेलों की पैकेजिंग गतिविधियां संचालित पाई गईं।

जांच में गोदाम से बड़ी मात्रा में विभिन्न नामी ब्रांडों के भरे और खाली टीन व प्लास्टिक डिब्बे बरामद किए गए। इनमें सुपरलाइट रिफाइंड कुकिंग ऑयल, केसरी पुष्प राइस ब्रान ऑयल, कली रिफाइंड, उत्तम सोयाबीन, यूटी उत्तम, महाकोश, सिक्का सरसों, दो फूल सरसों, न्यूट्रीप्लस पाम ऑयल, विश्वास राइस ब्रान सहित कई अन्य ब्रांड शामिल हैं। इसके अलावा तुलसी, किंग्स, प्रभात, कमल फूल, जय गोल्ड और सेवन सेहत जैसे ब्रांडों के खाली डिब्बों का भी भारी स्टॉक पाया गया।

मौके पर विभिन्न कंपनियों के स्टिकर बड़ी संख्या में मिलने से पैकेजिंग और ब्रांडिंग की प्रक्रिया पर गंभीर संदेह उत्पन्न हुआ। गोदाम परिसर में बैतूल ऑयल लिमिटेड, सतना से आया लगभग 24.920 मीट्रिक टन तेल से भरा टैंकर खड़ा मिला, वहीं चंदिया भेजे जाने के लिए एक अन्य टैंकर लोड स्थिति में पाया गया। साथ ही सतना से खाली डिब्बों से लदी एक गाड़ी भी मौके पर मौजूद थी।

निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में सुरक्षा और गुणवत्ता से जुड़े मानकों की भी अनदेखी सामने आई। परिसर में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, न ही तेल की गुणवत्ता जांच के लिए कोई प्रयोगशाला या तकनीकी स्टाफ उपलब्ध मिला। साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब पाई गई और नापतौल विभाग से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी अनुपस्थित थे।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने विभिन्न ब्रांडों के तेल के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं। मामले में प्रकरण तैयार कर अपर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई के दौरान तहसीलदार श्री अजीत तिवारी, नायब तहसीलदार श्री आशीष चतुर्वेदी, सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री पीयूष शुक्ला, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री यज्ञदत्त त्रिपाठी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवकी सोनवानी, ओ.पी. साहू, ब्रजेश विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

Related Articles

Back to top button