मध्यप्रदेशराजनीति

यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सिहोरा में उबाल 30 जनवरी को होगा जोरदार ज्ञापन-प्रदर्शन

कलयुग की कलम से राकेश यादव

यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सिहोरा में उबाल 30 जनवरी को होगा जोरदार ज्ञापन-प्रदर्शन

कलयुग की कलम सिहोरा -विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा हाल ही में लागू किए गए नियमों के विरोध में 30 जनवरी को सिहोरा में विशाल ज्ञापन-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसे लेकर बुधवार को सिहोरा बस स्टैंड पर सामान्य वर्ग में आने वाले समस्त जाति-समुदाय के लोगों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।

बैठक में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में यूजीसी के इन नियमों को समाज को वर्गों में विभाजित करने वाला और अनावश्यक अध्यादेश बताया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में इस प्रकार के नियमों की कोई जरूरत नहीं थी। ऐसे प्रावधान समाज में भेदभाव, आपसी रंजिश, टकराव और सामाजिक तनाव को बढ़ावा दे सकते हैं।

वक्ताओं ने आशंका जताई कि शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को मानसिक रूप से वर्गों में बांटना भविष्य के लिए घातक परिणाम ला सकता है। इससे आने वाले समय में जातीय एवं वर्ग संघर्ष की स्थिति बन सकती है, जिसका सीधा असर शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक एकता पर पड़ेगा।

बैठक में यह भी कहा गया कि यदि सरकार ने समय रहते इन नियमों पर पुनर्विचार नहीं किया तो समाज में सौहार्द बिगड़ने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। सभी वक्ताओं ने सरकार से यूजीसी के इन नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग की।

अंत में सिहोरा सहित आसपास के सभी संवर्गों एवं समाज के लोगों से अपील की गई कि वे 30 जनवरी को दोपहर 3:00 बजे बस स्टैंड, सिहोरा पहुंचकर ज्ञापन-प्रदर्शन में शामिल हों और एकजुटता का परिचय दें।

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