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नामांतरण में 80 दिन की देरी पड़ी भारी कलेक्टर आशीष तिवारी का सख्त एक्शन, नायब तहसीलदार और पटवारी को कारण बताओ नोटिस

कलयुग की कलम से राकेश यादव

नामांतरण में 80 दिन की देरी पड़ी भारी कलेक्टर आशीष तिवारी का सख्त एक्शन, नायब तहसीलदार और पटवारी को कारण बताओ नोटिस

कलयुग की कलम कटनी – लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा में सेवा प्रदान न करने के मामले को कलेक्टर आशीष तिवारी ने गंभीरता से लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है। नामांतरण प्रकरण में 80 दिनों से अधिक की देरी पाए जाने पर बिलहरी के नायब तहसीलदार इसरार खान से स्पष्टीकरण तलब किया गया है, वहीं संबंधित हल्का पटवारी सचिन श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दोनों अधिकारियों को 7 दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

जनसुनवाई में सामने आया मामला

मंगलवार 27 जनवरी को रीठी में आयोजित जनसुनवाई के दौरान आवेदक सुनील कुमार ने कलेक्टर को अवगत कराया कि उन्होंने अपनी खरीदी गई भूमि के नामांतरण के लिए 19 सितंबर 2025 को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आवेदन किया था। आवेदन के निराकरण की अंतिम तिथि 5 नवंबर 2025 निर्धारित थी, इसके बावजूद अब तक नामांतरण नहीं किया गया।

कर्तव्यों की अनदेखी पर जताई कड़ी नाराजगी

मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने नायब तहसीलदार इसरार खान को जारी स्पष्टीकरण में कहा कि बिना किसी युक्तियुक्त कारण के आवेदन को निर्धारित समय-सीमा के काफी बाद तक लंबित रखना लोक सेवा गारंटी अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने अधिनियम की धारा-7 के अंतर्गत शास्ति अधिरोपित किए जाने तथा संबंधित सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताते हुए 7 दिन में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

पटवारी को भी थमाया नोटिस

इसी प्रकरण में हल्का पटवारी सचिन श्रीवास्तव को जारी कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि उनका कृत्य लोक सेवा गारंटी अधिनियम के निर्देशों की अवहेलना, पदीय कर्तव्यों के प्रति उदासीनता एवं शासकीय कार्यों में लापरवाही को दर्शाता है। यह आचरण म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 के विपरीत है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।इस कार्रवाई के माध्यम से कलेक्टर आशीष तिवारी ने साफ संदेश दिया है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आम नागरिकों को समय पर सेवा देना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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