आस्थामध्यप्रदेश

सिलौंडी में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की अलौकिक छटा, भक्ति में झूमे श्रद्धालु फूलों की वर्षा, भजनों की गूंज और संत श्री गोविंद सागर भरभरा वाले महाराज जी का पावन आगमन 

कलयुग की कलम से राकेश यादव

सिलौंडी में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की अलौकिक छटा, भक्ति में झूमे श्रद्धालु फूलों की वर्षा, भजनों की गूंज और संत श्री गोविंद सागर भरभरा वाले महाराज जी का पावन आगमन 


कलयुग की कलम सिलौंडी –
खुल गए सारे ताले क्या बात हो गई, जब जन्मे कन्हैया वाह क्या बात हो गई…”जैसे ही यह भजन व्यासपीठ से गूंजा, पूरा कथा पांडाल भक्तिरस में डूब गया। सिलौंडी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया।

कथा व्यास दिव्य कृष्ण महाराज के सान्निध्य में श्रीकृष्ण जन्म की पावन कथा सुनते ही श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। बालकृष्ण की मनोहारी झांकी ने सभी का मन मोह लिया। जन्मोत्सव के विशेष अवसर पर कथा पांडाल को रंग-बिरंगे गुब्बारों और फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। नन्हें-मुन्ने बच्चे भी कृष्ण रूप में सजकर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने।
जैसे ही वसुदेव बालकृष्ण को डलिया में लेकर प्रकट हुए, दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर पहुंच गया। भक्ति संगीत, नृत्य और जयकारों से वातावरण पूरी तरह कृष्णमय हो गया।


कथा वाचक ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य जीवन भर अहंकार में डूबा रहता है, लेकिन अंत समय में उसे भगवान का स्मरण आता है। यदि जीवन के हर क्षण में ईश्वर का सुमिरन किया जाए, तो पाप कर्मों से बचाव और सत्कर्मों की प्रेरणा स्वतः मिलती है।
वामन अवतार की कथा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि धर्म, अर्थ और काम—इन तीनों का संतुलित निर्वहन ही मोक्ष का मार्ग है। राजा बलि के त्याग से प्रसन्न होकर भगवान वामन ने स्वयं उनके द्वारपाल बनकर यह सिद्ध किया कि सच्ची भक्ति से भगवान भी बंध जाते हैं

कथा के दौरान परम त्यागी संत श्री श्री 1008 गोविंद सागर भरभरा वाले महाराज जी का शुभ आगमन हुआ। महाराज जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।


श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में जिला पंचायत सदस्य कविता पंकज राय परिवार सहित शामिल हुईं। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ भक्ति नृत्य किया एवं प्रसाद वितरण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
इस अवसर पर सरपंच संतोष कुमार, उपसरपंच राहुल राय, राजनारायण राय, सेवाराम साहू, रामलाल काछी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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