आस्थामध्यप्रदेश

उमरियापान में भक्तिरस की बहेगी धारा बावली हनुमान मंदिर से गूंजा जय श्रीराम, भव्य कलश शोभायात्रा के साथ श्रीराम महायज्ञ का शुभारंभ

कलयुग की कलम से राकेश यादव

उमरियापान में भक्तिरस की बहेगी धारा बावली हनुमान मंदिर से गूंजा जय श्रीराम, भव्य कलश शोभायात्रा के साथ श्रीराम महायज्ञ का शुभारंभ

कलयुग की कलम उमरिया पान -उमरियापान नगर एक बार फिर धर्म, भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर हो गया। टोला रोड स्थित ऐतिहासिक बावली हनुमान मंदिर परिसर में सोमवार को भव्य कलश शोभायात्रा के साथ श्रीराम महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। जैसे ही नगर की सड़कों पर “जय श्रीराम” और “जय बजरंगबली” के उद्घोष गूंजे, पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

यह श्रीराम महायज्ञ 12 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भगवान श्रीरामचंद्र की कृपा प्राप्ति, धर्म की स्थापना, समाज में सद्भाव, शांति और आध्यात्मिक चेतना के जागरण का संकल्प लिया गया है। महायज्ञ का आयोजन हनुमान महाराज की अध्यक्षता में किया जा रहा है, वहीं संत श्री 108 बनवारीदास महाराज, सीताशरण महाराज जी के सानिध्य में एवं कौशिल्या दास महाराज की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की।

सोमवार सुबह से ही तैयारीयां चल रही थी दोपहर के बाद बावली हनुमान मंदिर से कलश शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं द्वारा सिर पर कलश धारण किए, ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के बीच निकली यह शोभायात्रा बस स्टैंड, झंडा चौक, बड़ी माई मंदिर, सन्यासी महाराज स्थल, अथैया मंदिर, कटरा बाजार सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होकर यज्ञ स्थल पहुंची। मार्ग भर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया।

शोभायात्रा में यज्ञाचार्य ज्ञान महाराज, यजमानों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीणजन और धर्मप्रेमी नागरिक शामिल हुए। नगर के हर वर्ग की सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि श्रीराम महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का महापर्व बन चुका है।

आयोजकों के अनुसार महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, पूजन, प्रवचन एवं श्रीराम कथा का आयोजन किया जाएगा। संतों के प्रवचनों के माध्यम से श्रीराम के आदर्श, मर्यादा, त्याग और धर्म के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। मान्यता है कि श्रीराम महायज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है, सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और समाज में नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना होती है।

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