भारत की भौगोलिक धुरी करौदी के समग्र विकास की उठी बुलंद आवाज, श्रमजीवी पत्रकार संघ ने कलेक्टर को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
कलयुग की कलम से राकेश यादव

भारत की भौगोलिक धुरी करौदी के समग्र विकास की उठी बुलंद आवाज, श्रमजीवी पत्रकार संघ ने कलेक्टर को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
कलयुग की कलम कटनी -जिले की ढीमरखेड़ा तहसील में स्थित भारत के भौगोलिक केंद्र बिंदु करौदी के संरक्षण, संवर्धन एवं समग्र विकास की मांग को लेकर मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन कलेक्टर कटनी को सौंपा। कलेक्टर की अनुपस्थिति में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन में करौदी को विधिवत पर्यटन स्थल घोषित करने, राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों के निर्माण, आधारभूत सुविधाओं के विकास एवं आदिवासी संस्कृति के संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को प्रमुखता से रखा गया। यह पहल 21 दिसंबर 2025 को सेंटर प्वाइंट करौदी में आयोजित पत्रकारों की ऐतिहासिक महापंचायत में लिए गए सर्वसम्मत निर्णयों का प्रतिफल है।
पत्रकार संघ द्वारा आयोजित इस महापंचायत में कटनी सहित प्रदेश और देश के अनेक वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित पत्रकारों ने सहभागिता की थी। कार्यक्रम के दौरान करौदी के ऐतिहासिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व पर गंभीर मंथन हुआ तथा इसके समग्र विकास को लेकर प्रस्ताव पारित किए गए थे।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 1956 में जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य एस.पी. चक्रवर्ती एवं उनके विद्यार्थियों द्वारा किए गए वैज्ञानिक सर्वेक्षण में यह प्रमाणित हुआ कि करौदी गांव भारत का भौगोलिक केंद्र बिंदु है। इस खोज ने करौदी को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।
इसके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए वर्ष 1987 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर स्वयं करौदी पहुंचे थे और भारत के भौगोलिक केंद्र स्मारक के निर्माण की पहल की। 15 दिसंबर 1987 को स्मारक का लोकार्पण हुआ, जिससे यह स्थल देशभर में चर्चित हुआ।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 2013 में करौदी को मेगा पर्यटन सर्किट में शामिल किया गया था, जिससे क्षेत्र के विकास और रोजगार की उम्मीद जगी, लेकिन समय के साथ यह स्थल उपेक्षा का शिकार हो गया। वर्तमान में स्मारक जर्जर अवस्था में है, पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और प्रचार-प्रसार की कमी के कारण यह स्थल अपनी पहचान खोता जा रहा है।
श्रमजीवी पत्रकार संघ ने मांग की है कि करौदी को विधिवत पर्यटन स्थल घोषित किया जाए, केंद्र बिंदु पर 108 फीट ऊंची भारत माता की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए तथा सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, राजगुरु सहित अन्य राष्ट्रनायकों के स्मारकों का निर्माण किया जाए। साथ ही आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए एक आदिवासी संग्रहालय की स्थापना की भी मांग रखी गई है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के जिला प्रभारी डॉ. सुरेन्द्र राजपूत, जिलाध्यक्ष पंडित राकेश तिवारी, डॉ. ज्योति राजपूत, पूर्व विधायक सुकीर्ति जैन, महासचिव अज्जू सोनी, पूर्व जिलाध्यक्ष अनंत राम गुप्ता, मीडिया प्रभारी रविन्द्र चौदहा, नितिन पटेल, सतीश चौरसिया, दीनदयाल रजक, नीरज तिवारी, संतोष तोमर, सोमनाथ पटेल, कृष्णा पटेल, सुनील दुबे, पीतम बर्मन सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।



