उमरियापान में राष्ट्रभक्ति का महापर्व,77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह, अनुशासन और गरिमा के साथ मनाया गया,हर ओर “जय हिंद”, “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के उद्घोष गूंजते रहे।
कलयुग की कलम से राकेश यादव

उमरियापान में राष्ट्रभक्ति का महापर्व,77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह, अनुशासन और गरिमा के साथ मनाया गया,हर ओर “जय हिंद”, “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के उद्घोष गूंजते रहे।
कलयुग की कलम उमरिया पान -राष्ट्र का 77वां गणतंत्र दिवस उमरियापान, ढीमरखेड़ा सहित पूरे जिले में हर्षोल्लास, उल्लास और देशभक्ति के वातावरण में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। 26 जनवरी की सुबह से ही नगरों, ग्राम पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, शासकीय एवं अशासकीय कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने का सिलसिला प्रारंभ हो गया। हर ओर “जय हिंद”, “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के उद्घोष गूंजते रहे।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर संविधान, लोकतंत्र, अधिकार और कर्तव्यों की भावना को केंद्र में रखते हुए सभी आयोजनों को शासन के निर्देशानुसार अनुशासन, मर्यादा और राष्ट्रीय प्रोटोकॉल के अनुरूप संपन्न कराया गया। ध्वजारोहण से पूर्व राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान, ध्वज संहिता का पालन, शहीदों के प्रति श्रद्धा और राष्ट्रगान की गरिमा का विशेष ध्यान रखा गया।


ग्राम पंचायतों में गरिमामय आयोजन
ग्राम पंचायत उमरियापान में सरपंच अटल व्यौहार द्वारा विधिवत ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामीणजन, महिला समूह और बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शहीदों को स्मरण करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया तथा इसके पश्चात राष्ट्रगान का सामूहिक गायन हुआ। इसी कड़ी में भारत के भौगोलिक केंद्रबिंदु मनोहर गांव करौंदी सेंटरपॉइंट में सांसद प्रतिनिधि पद्मेश गौतम ने झंडा वंदन किया पूर्व सरपंच राजाराम काछी सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत बम्हनी में सरपंच अनीता कोरी, ग्राम पंचायत महनेर में राकेश दाहिया ने ध्वजारोहण कर उपस्थितजनों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता को लेकर संकल्प भी दिलाया गया।
नगर व सार्वजनिक स्थलों पर उत्सव का माहौल
झंडा चौक में मौजी लाल पौराणिक द्वारा ध्वजारोहण किया गया, जहां नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। चौक को तिरंगे और देशभक्ति संदेशों से सजाया गया था।
उमरियापान तहसील कार्यालय में श्रीमति साक्षी शुक्ला द्वारा ध्वजारोहण कर संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया। अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने और जनसेवा को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया गया।

थाना प्रांगण में अनुशासन और सुरक्षा का संदेश
उमरियापान थाना प्रांगण में थाना प्रभारी दिनेश तिवारी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर पुलिस बल ने सलामी दी। कार्यक्रम में कानून-व्यवस्था, नागरिक सुरक्षा, नशा मुक्ति, साइबर अपराध से सतर्कता और यातायात नियमों के पालन को लेकर जागरूकता संदेश दिया गया। थाना प्रभारी ने कहा कि संविधान सभी को समान अधिकार देता है और पुलिस का दायित्व है कि वह संविधान की रक्षा करते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

स्वास्थ्य संस्थानों में सेवा का संकल्प
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीएमओ बी.के. प्रसाद द्वारा ध्वजारोहण किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं, मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प लिया।
विद्यालयों में बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियां
गणतंत्र दिवस का सबसे जीवंत और भावनात्मक दृश्य विद्यालयों में देखने को मिला।
उत्कृष्ट विद्यालय सांदीपनि में प्राचार्य मुकेश पटेल ने ध्वजारोहण किया। विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, समूह नृत्य, भाषण और नाटक के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम, संविधान और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
कन्या शाला में संस्था प्राचार्य दिलीप बाजपेई तथा पुष्कर स्कूल में संस्था प्राचार्य धनंजय दुबे ने ध्वजारोहण किया। कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया, जिससे बच्चों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा।
विद्यालय परिसरों में राष्ट्रीय ध्वज संहिता, राष्ट्रगान की मर्यादा, स्वच्छता, अनुशासन और संविधान के मूल कर्तव्यों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। शिक्षकों ने बच्चों को संविधान के मूल अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का महत्व समझाया।
संविधान और नियम-कानून का संदेश
26 जनवरी केवल उत्सव नहीं बल्कि संविधान के प्रति सम्मान और नियम-कानून के पालन का दिन है—इस भाव को सभी कार्यक्रमों में प्रमुखता से रखा गया। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती नागरिकों की जागरूकता, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से ही संभव है। शासन द्वारा निर्धारित समय-सारणी, सुरक्षा मानकों और राष्ट्रीय प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।



