प्रशासनमध्यप्रदेश

सनकुई में सेवा, संस्कार और नेतृत्व का संगम एनएसएस विशेष शिविर के शुभारंभ से युवाओं ने लिया स्वच्छ, जागरूक और सशक्त समाज निर्माण का संकल्प

कलयुग की कलम से राकेश यादव

सनकुई में सेवा, संस्कार और नेतृत्व का संगम एनएसएस विशेष शिविर के शुभारंभ से युवाओं ने लिया स्वच्छ, जागरूक और सशक्त समाज निर्माण का संकल्प

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ 20 फरवरी 2026 को शासकीय प्राथमिक शाला सनकुई, तहसील ढीमरखेड़ा में श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। शिविर में 50 छात्र-छात्राएं सहभागिता कर रहे हैं, जो ग्राम्य जीवन को समझते हुए समाजसेवा और नेतृत्व विकास की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार नागवंशी ने शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह शिविर विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक संवेदनशीलता और सामुदायिक सहभागिता की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। शिविर के दौरान स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, बाल संरक्षण, बाल विवाह निषेध, नशा मुक्ति, मतदाता जागरूकता एवं शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जन-जागरण जैसे विषयों पर व्यापक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठक कटनी ने स्वयंसेवकों को एनएसएस की गतिविधियों एवं ए, बी, सी प्रमाण-पत्रों के महत्व से अवगत कराया और बताया कि यह प्रमाण-पत्र विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में सहायक होते हैं। शासकीय महाविद्यालय सिलौंडी के प्रभारी प्राचार्य डॉ. रतिराम अहिरवार ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि विशेष शिविर युवाओं को नेतृत्व, अनुशासन और टीम भावना सीखने का उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सेवा भाव से कार्य करते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।

इसी क्रम में शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा के डॉ. हर्षित द्विवेदी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी है। उन्होंने स्वयंसेवकों से ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझने और समाधान की दिशा में प्रयास करने का आग्रह किया।

शिविर के प्रथम दिवस की शुरुआत प्रातःकालीन योग एवं व्यायाम से हुई, जिसमें स्वयंसेवकों ने स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। इसके पश्चात स्वच्छता अभियान के अंतर्गत गांव में रैली निकाली गई। स्वयंसेवकों ने “स्वच्छता ही सेवा है”, “जन-जन का यह नारा है, भारत स्वच्छ बनाना है” जैसे नारों के साथ ग्राम भ्रमण किया और ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। उन्होंने घरों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई के महत्व पर चर्चा करते हुए स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण की आवश्यकता पर बल दिया।

बौद्धिक सत्र में आगाज संस्था के श्री देवेंद्र कुमार गुप्ता ने बाल संरक्षण से संबंधित विधिक प्रावधानों पर स्वयंसेवकों के साथ संवाद किया। उन्होंने बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं समाज की जिम्मेदारियों पर विस्तार से जानकारी दी, जिससे स्वयंसेवकों को संवेदनशील सामाजिक मुद्दों की समझ विकसित करने में सहायता मिली।

कार्यक्रम में डॉ. सचिन कोष्टा, डॉ. राजाराम सिंह, डॉ. मनोज कुमार गुप्ता, डॉ. श्वेता सिंह बघेल, श्री सुरेश चौधरी, श्रीमती स्मिता परसाई, श्री युवराज तिवारी सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। पूरे वातावरण में सेवा, समर्पण और सामाजिक चेतना का उत्साह देखने को मिला।

यह विशेष शिविर न केवल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का माध्यम बनेगा, बल्कि ग्राम सनकुई में स्वच्छता, जागरूकता और सामाजिक सुधार की नई चेतना भी उत्पन्न करेगा। आने वाले दिनों में विभिन्न जनहितकारी गतिविधियों के माध्यम से स्वयंसेवक ग्रामीणों के साथ मिलकर एक स्वस्थ, जागरूक और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में कार्य करेंगे।

Related Articles

Back to top button