झंडा चौक पर चला कानून का डंडा: चलित न्यायालय की सख्त कार्रवाई, शराबी बस चालक धराया उमरियापान में यातायात नियम तोड़ने वालों पर प्रशासन की बड़ी चोट, 35 से अधिक वाहनों से ₹55 हजार वसूले
कलयुग की कलम से राकेश यादव

झंडा चौक पर चला कानून का डंडा: चलित न्यायालय की सख्त कार्रवाई, शराबी बस चालक धराया उमरियापान में यातायात नियम तोड़ने वालों पर प्रशासन की बड़ी चोट, 35 से अधिक वाहनों से ₹55 हजार वसूले
कलयुग की कलम उमरिया पान -सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। इसी कड़ी में बुधवार को उमरियापान थाना क्षेत्र के झंडा चौक पर चलित न्यायालय (मोबाइल कोर्ट) का आयोजन किया गया, जिसने यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों में हड़कंप मचा दिया। यह कार्रवाई सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन को नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से की गई।

चलित न्यायालय का संचालन माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कटनी के निर्देशानुसार किया गया। मौके पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) ढीमरखेड़ा सुश्री पूर्वी तिवारी की उपस्थिति में त्वरित न्यायिक कार्यवाही की गई। अभियान में थाना प्रभारी उमरियापान उप निरीक्षक महेंद्र जायसवाल एवं थाना ढीमरखेड़ा पुलिस बल ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला।

शराबी बस चालक पर गिरी गाज
चेकिंग के दौरान एक बस चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। उसके विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत तत्काल सख्त कार्यवाही की गई। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि सार्वजनिक परिवहन से जुड़े चालकों की लापरवाही कितनी गंभीर हो सकती है और प्रशासन ऐसे मामलों में कोई नरमी नहीं बरतेगा।
35 से अधिक वाहनों पर चालान, ₹55 हजार का जुर्माना
सघन जांच अभियान के दौरान कुल 37 वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई, जिससे लगभग ₹55,000 शमन शुल्क वसूला गया। विशेष रूप से बसों, पिकअप वाहनों और सवारी ऑटो की बारीकी से जांच की गई। बस चालकों द्वारा वर्दी न पहनने, यात्रियों को टिकट न देने और क्षमता से अधिक सवारी बैठाने जैसे मामलों में भी चालान काटे गए।
सीटबेल्ट, हेलमेट और दस्तावेजों पर फोकस
चार पहिया वाहन चालकों द्वारा सीटबेल्ट न लगाने, दोपहिया चालकों द्वारा हेलमेट न पहनने, बिना लाइसेंस वाहन चलाने और अधूरे या बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर भी सख्ती दिखाई गई। कई मामलों में वाहन दस्तावेज अधूरे पाए गए, जिन पर नियमानुसार जुर्माना लगाया गया।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
पुलिस प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों को यह समझाना है कि यातायात नियम जीवन रक्षा के लिए हैं। नियमों का पालन ही सुरक्षित यात्रा की गारंटी है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई उन सभी के लिए चेतावनी है, जो सड़क को हल्के में लेते हैं—अब लापरवाही की कीमत चुकानी ही पड़ेगी।



