उपमुख्यमंत्री के भरोसे से सिहोरा में बदला माहौल आंदोलन में नरमी, 16 दिसंबर को भोपाल कूच की तैयारी तेज उपमुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद बदले माहौल ने आंदोलन को नई दिशा दी है, अब सबकी निगाहें 16 दिसंबर को भोपाल में होने वाली वार्ता पर टिकी हैं।
कलयुग की कलम से राकेश यादव

उपमुख्यमंत्री के भरोसे से सिहोरा में बदला माहौल आंदोलन में नरमी, 16 दिसंबर को भोपाल कूच की तैयारी तेज उपमुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद बदले माहौल ने आंदोलन को नई दिशा दी है, अब सबकी निगाहें 16 दिसंबर को भोपाल में होने वाली वार्ता पर टिकी हैं।
कलयुग की कलम सिहोरा -सिहोरा को जिला बनाए जाने की मांग को लेकर चल रहे जनआंदोलन के बीच उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद नगर में उत्साहजनक और सकारात्मक माहौल देखने को मिला। लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के आह्वान पर मंगलवार को सिहोरा के बाजार खुले, जिससे जनजीवन आंशिक रूप से सामान्य होता नजर आया। आंदोलनकारियों और आम नागरिकों में अब आशा और भरोसे की भावना स्पष्ट दिखाई दे रही है।
आंदोलन समिति ने बताया कि 16 दिसंबर को सिहोरा से सैकड़ों की संख्या में लोग भोपाल पहुंचेंगे। वहां मुख्यमंत्री से भेंट कर सिहोरा को जिला बनाए जाने की मांग पूरे तथ्य और मजबूती के साथ रखी जाएगी। भोपाल कूच को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।
धरना स्थल पर आयोजित बैठकों और सभाओं में इस बार वक्ताओं के स्वर पहले की तुलना में नरम और आशावादी नजर आए। वक्ताओं ने उपमुख्यमंत्री और क्षेत्रीय विधायक द्वारा दिए गए आश्वासन का स्वागत करते हुए सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा जताई। आंदोलन के दौरान संयम और अनुशासन बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
इधर, अस्पताल में भर्ती आंदोलनकारी प्रमोद साहू अन्न सत्याग्रह पर डटे हुए हैं। वहीं धरना स्थल पर आठ अन्य आंदोलनकारी भी अन्न सत्याग्रह जारी रखे हुए हैं। इनमें प्रदीप दुबे, राजभान मिश्रा, संतोष पांडे, पुरुषोत्तम गुप्ता, रामनरेश तिवारी, नत्थू पटेल, प्रेमचंद्र चौधरी और रामजी शुक्ला शामिल हैं। सत्याग्रहियों ने स्पष्ट किया है कि सिहोरा को जिला बनाए जाने की औपचारिक घोषणा तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने दो टूक शब्दों में अपना संकल्प दोहराया कि सिहोरा को जिला का दर्जा दिलाए बिना आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। समिति ने आम जनता से संयम बनाए रखने, शांति पूर्ण वातावरण बनाए रखने और आगामी कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने की अपील की है।



