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गर्मी का संकट: कटनी में 3 माह के लिए ‘पेयजल अभावग्रस्त’ घोषित बिना अनुमति नलकूप खनन पर रोक, निजी जल स्रोत भी हो सकते हैं अधिग्रहित

कलयुग की कलम से राकेश यादव

गर्मी का संकट: कटनी में 3 माह के लिए ‘पेयजल अभावग्रस्त’ घोषित बिना अनुमति नलकूप खनन पर रोक, निजी जल स्रोत भी हो सकते हैं अधिग्रहित

कलयुग की कलम उमरिया पान -भीषण गर्मी और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी आशीष तिवारी ने जिले के सभी विकासखण्डों और नगरीय क्षेत्रों को 1 अप्रैल से 30 जून तक के लिए पेयजल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। यह निर्णय संभावित जल संकट से निपटने और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार अब जिले में पेयजल स्रोतों का उपयोग केवल पेयजल और घरेलू जरूरतों तक सीमित रहेगा। कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के शासकीय भूमि पर स्थित जल स्रोतों का अन्य कार्यों के लिए उपयोग नहीं कर सकेगा। साथ ही नदियों, नालों, स्टॉपडैम, सार्वजनिक कुओं सहित सभी जल स्रोतों को तत्काल प्रभाव से संरक्षित कर दिया गया है।

 बिना अनुमति नलकूप खनन पर प्रतिबंध

प्रशासन ने निजी भूमि पर भी नए नलकूप खनन के लिए सख्ती लागू कर दी है। अब कोई भी व्यक्ति या ठेकेदार बिना संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अनुमति के नलकूप नहीं खोद सकेगा। अनुमति के लिए निर्धारित आवेदन और शुल्क के साथ प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अनुमति देने से पहले तकनीकी जांच और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से अनुशंसा अनिवार्य होगी।

जरूरत पड़ी तो निजी जल स्रोत भी होंगे अधिग्रहित

यदि किसी क्षेत्र में सार्वजनिक जल स्रोत सूख जाते हैं और वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं होती, तो प्रशासन निजी जल स्रोतों का अधिग्रहण भी कर सकेगा। यह कदम जनहित में अस्थायी रूप से लागू किया जाएगा ताकि लोगों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।

 1 अप्रैल से लागू होगा आदेश

यह आदेश 1 अप्रैल से प्रभावी होगा और इसके पालन की जिम्मेदारी जिले के सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ स्थानीय निकायों को सौंपी गई है। इसमें एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी, नगरीय निकाय अधिकारी और पंचायत स्तर तक के कर्मचारी शामिल हैं।

 उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ म.प्र. पेयजल परीक्षण अधिनियम 1986 की धारा 9 और भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि पानी का उपयोग सोच-समझकर करें और जल संरक्षण में सहयोग दें, ताकि आने वाले दिनों में संभावित संकट से बचा जा सके।

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