शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा के छात्र-छात्राओं ने ‘विक्रमोत्सव-2026’ में बिखेरा प्रतिभा का रंग, जिला स्तरीय मंच पर दी शानदार प्रस्तुति
कलयुग की कलम से राकेश यादव

शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा के छात्र-छात्राओं ने ‘विक्रमोत्सव-2026’ में बिखेरा प्रतिभा का रंग, जिला स्तरीय मंच पर दी शानदार प्रस्तुति
कटनी/ढीमरखेड़ा
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार जिला प्रशासन कटनी द्वारा आयोजित “विक्रमोत्सव-2026” के अंतर्गत सृष्टि आरंभ विक्रम संवत 2083 के शुभ अवसर पर जिला स्तरीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन स्वामी विवेकानंद सभागार, बस स्टैंड कटनी नगर निगम में किया गया। इस अवसर पर शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में सम्राट विक्रमादित्य के जीवन एवं उनके आदर्शों पर आधारित नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया गया, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रस्तुति संप्रेषण नाट्य मंच के माध्यम से कलाकारों ने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इस आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली इतिहास से जोड़ना रहा।
यह कार्यक्रम महाराजा विक्रमादित्य शोध-पीठ, संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश शासन, समन्वयक नाट्य विद्यालय भोपाल एवं जिला प्रशासन कटनी के संयुक्त सहयोग से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा से प्रभारी प्राचार्य डॉ. बृजलाल अहिरवार के नेतृत्व में दीनदयाल चक्रवर्ती, दिव्या मेहरा, दीप्ति मेहरा, शची तिवारी, अंजली पटेल, प्रतिमा मेहतर, देव विश्वास, आदर्श त्रिपाठी, चन्द्र कुमार यादव और रघुनंदन यादव सहित अनेक छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक टंडन, क्षेत्रीय विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्राचार्य एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। इनमें डॉ. सुनील कुमार वाजपेई (प्राचार्य, शासकीय तिलक अग्रणी महाविद्यालय कटनी), डॉ. चित्रा प्रभात (प्राचार्य, शासकीय कन्या महाविद्यालय कटनी), डॉ. लवकुश सिंह (प्राचार्य, शासकीय महाविद्यालय बड़वारा) तथा डॉ. रुक्मणी प्रताप सिंह (राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी) की विशेष उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को अपनी प्रतिभा निखारने के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों को समझने का अवसर प्राप्त हुआ। शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा की टीम की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक जागरूकता का प्रतीक बना, बल्कि युवाओं में अपने इतिहास और परंपराओं के प्रति गर्व की भावना भी जागृत करने में सफल रहा।



