स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर सख्त चेतावनी कुपोषण, मातृ-शिशु मृत्यु और टीबी नियंत्रण पर फोकस — कलेक्टर ने तय की जवाबदेही
कलयुग की कलम से राकेश यादव

स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर सख्त चेतावनी कुपोषण, मातृ-शिशु मृत्यु और टीबी नियंत्रण पर फोकस — कलेक्टर ने तय की जवाबदेही
कलयुग की कलम कटनी -जिले में स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मैदानी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश कलेक्टर आशीष तिवारी ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर भी उपस्थित रहीं।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधार पर जोर
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया जाए।नियमित जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाए।स्वास्थ्य और महिला-बाल विकास विभाग समन्वय से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए कार्य करें।
उन्होंने कहा कि हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर प्रसव के तीन दिन के भीतर पोर्टल पर शत-प्रतिशत एंट्री अनिवार्य रूप से की जाए तथा सभी गर्भवती महिलाओं का अनमोल पोर्टल में 100% पंजीयन सुनिश्चित किया जाए।
कुपोषण पर विशेष अभियान
जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में कम बेड ऑक्यूपेंसी पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि गांव-गांव सर्वे कर कुपोषित बच्चों की पहचान की जाए। मध्यम और गंभीर कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराया जाए।
महिला-बाल विकास विभाग समन्वय से कुपोषण के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाए।
शहरी क्षेत्रों में पंजीयन कम, निजी अस्पतालों से डेटा लेने के निर्देश
शहरी क्षेत्र में लक्ष्य के मुकाबले कम पंजीयन पाए जाने पर डिप्टी कलेक्टर ज्योति लिल्हारे को निर्देश दिए गए कि निजी नर्सिंग होम से प्रत्येक 15 दिन में डेटा लेकर पोर्टल पर दर्ज कराया जाए।
टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शत-प्रतिशत टीबी स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए।
चिन्हित मरीजों को निक्षय फूड बास्केट का वितरण किया जाए।
सभी स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए।
प्रसव केंद्रों को क्रियाशील बनाने के निर्देश
बहोरीबंद के कुआं और ढीमरखेड़ा के कारोपानी प्रसव केंद्रों को सक्रिय करने हेतु वहां पदस्थ एएनएम को जिला अस्पताल में प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए गए।
आरबीएसके में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर सराहना
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिले को प्रदेश में तीसरा स्थान मिलने पर कलेक्टर ने आरबीएसके टीम की सराहना की।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में सीएमएचओ डॉ. राज सिंह ठाकुर, सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रतिभा पाण्डेय सहित स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, कुपोषण उन्मूलन और मातृ-शिशु सुरक्षा अब सर्वोच्च प्राथमिकता है। योजनाओं में लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।



