भक्ति, उल्लास और जयकारों से गूंजा सिलौंडी श्रीकृष्ण–रुक्मणी विवाह उत्सव में निकली भव्य बारात, गांव बना वृंदावन सा
कलयुग की कलम से राकेश यादव

भक्ति, उल्लास और जयकारों से गूंजा सिलौंडी श्रीकृष्ण–रुक्मणी विवाह उत्सव में निकली भव्य बारात, गांव बना वृंदावन सा
कलयुग की कलम सिलौंडी -ग्राम सिलौडी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पावन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मणी के विवाह महोत्सव का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस दिव्य प्रसंग को कथावाचक श्री दिव्य कृष्ण महाराज ने अपने ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचनों से जीवंत कर दिया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्ति-रस में डूब गए।
भजन-कीर्तन के साथ सजी दिव्य बारात
विवाह उत्सव के अंतर्गत भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी झांकी सजाई गई, जिसे पारंपरिक बारात के रूप में पूरे गांव में भ्रमण कराया गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भजनों की मधुर धुन और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु नृत्य करते हुए बारात में सहभागी बने।
पुष्पवर्षा और आरती से हुआ स्वागत
बारात के गांव के मुख्य मार्गों से गुजरते समय ग्रामीणों ने श्रद्धा के साथ पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया। जिला पंचायत सदस्य कविता पंकज राय सहित अनेक गणमान्य नागरिकों और भक्तों ने बारात में सहभागिता की। स्थान-स्थान पर आरती उतारकर भगवान श्रीकृष्ण का पूजन किया गया।
संस्कृति से जोड़ने का संकल्प
आयोजन समिति ने बताया कि इस धार्मिक आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय सनातन संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से जोड़ना है। कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्रामीणों एवं युवाओं की सराहनीय भूमिका रही। कथा समापन के पश्चात सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण किया गया।



