सर्वर ठप, किसान परेशान: गेहूं खरीदी पंजीयन के लिए कई दिनों से भटक रहे अन्नदाता,उमरिया पान–ढीमरखेड़ा क्षेत्र में पंजीयन की रफ्तार धीमी, ओटीपी और सर्वर समस्या से किसान हलाकान,किसानों की मांग – जब तक सभी का पंजीयन न हो, बढ़ाई जाए अंतिम तिथि
कलयुग की कलम से राकेश यादव

सर्वर ठप, किसान परेशान: गेहूं खरीदी पंजीयन के लिए कई दिनों से भटक रहे अन्नदाता,उमरिया पान–ढीमरखेड़ा क्षेत्र में पंजीयन की रफ्तार धीमी, ओटीपी और सर्वर समस्या से किसान हलाकान,किसानों की मांग – जब तक सभी का पंजीयन न हो, बढ़ाई जाए अंतिम तिथि
कलयुग की कलम उमरिया पान – कटनी जिले के उमरिया पान और ढीमरखेड़ा क्षेत्र में इन दिनों गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन प्रक्रिया चल रही है, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण किसान भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि पंजीयन केंद्रों पर सबसे बड़ी समस्या सर्वर डाउन और ओटीपी न आने की बनी हुई है, जिसके कारण उनका पंजीयन समय पर नहीं हो पा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान रोज सुबह पंजीयन केंद्रों पर पहुंचते हैं और घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन सर्वर की धीमी गति या बंद होने के कारण उनका काम नहीं हो पाता। कई किसानों ने बताया कि वे लगातार पांच से छह दिनों से केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनका पंजीयन नहीं हो सका है। दिनभर इंतजार करने के बाद जब काम नहीं होता तो किसान मायूस होकर वापस घर लौटने को मजबूर हो जाते हैं।
किसानों के अनुसार शासन द्वारा पहले गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च निर्धारित की गई थी। लेकिन सर्वर की समस्या और धीमी प्रक्रिया को देखते हुए सरकार ने किसानों को राहत देते हुए पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 मार्च कर दी है। इसके बावजूद क्षेत्र में अब तक केवल लगभग 50 प्रतिशत किसानों का ही पंजीयन हो पाया है।
किसानों का कहना है कि जिस तरह से सर्वर की समस्या लगातार बनी हुई है, उसे देखते हुए आशंका है कि 10 मार्च तक भी सभी किसानों का पंजीयन पूरा नहीं हो पाएगा। पंजीयन केंद्रों पर कई बार इंटरनेट या सर्वर बंद होने से काम रुक जाता है, वहीं कई किसानों को ओटीपी न मिलने के कारण भी प्रक्रिया पूरी करने में दिक्कत आ रही है।
क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि तकनीकी खामियों को जल्द दूर किया जाए ताकि किसानों को बार-बार परेशान न होना पड़े। साथ ही किसानों का यह भी कहना है कि जब तक सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा नहीं हो जाता, तब तक पंजीयन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया जाए, जिससे कोई भी किसान गेहूं खरीदी की प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।
किसानों का मानना है कि समय रहते यदि सर्वर व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो बड़ी संख्या में किसान पंजीयन से वंचित रह सकते हैं, जिसका सीधा असर उनकी उपज की सरकारी खरीदी पर पड़ेगा।



