जनता के बीच पहुँचे कलेक्टर, दफ्तर नहीं समाधान की राह बने आगंतुकों से सीधे संवाद कर सुनी समस्याएँ, मौके पर दिए त्वरित निराकरण के निर्देश
कलयुग की कलम से राकेश यादव

जनता के बीच पहुँचे कलेक्टर, दफ्तर नहीं समाधान की राह बने आगंतुकों से सीधे संवाद कर सुनी समस्याएँ, मौके पर दिए त्वरित निराकरण के निर्देश
कलयुग की कलम कटनी -कलेक्टर श्री आशीष तिवारी प्रशासनिक दायित्वों के साथ मानवीय संवेदनाओं का भी बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहे हैं। कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित नियमित मंगलवार जनसुनवाई के अतिरिक्त भी वे अन्य कार्यदिवसों में कार्यालय पहुँचे आम नागरिकों से स्वयं मिलकर उनकी समस्याएँ सुन रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दे रहे हैं।
सोमवार को भी कलेक्टर श्री तिवारी ने कलेक्ट्रेट में अपनी पीड़ा लेकर पहुँचे नागरिकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने एक-एक आगंतुक की बात गंभीरता से सुनी और विभागीय अधिकारियों को नियमों के अनुसार शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान विकासखंड विजयराघवगढ़ के ग्राम सिघवारा निवासी सोनेलाल पटेल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलने की समस्या बताई। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार विजयराघवगढ़ को प्रकरण की पात्रता जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में पोषण पुनर्वास केंद्र के सपोर्ट स्टाफ ने कलेक्टर दर पर मानदेय प्रदान किए जाने का आग्रह रखा। कलेक्टर श्री तिवारी ने इस विषय में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास को नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
वहीं नगर निगम जोन क्रमांक-2 निवासी मुकेश गर्ग ने गलत आधार से समग्र आईडी डीलिंक करने की समस्या बताई। कलेक्टर ने तत्काल जिला प्रबंधक ई-गवर्नेंस को निर्देशित किया, जिसके बाद निराकरण की प्रक्रिया तुरंत प्रारंभ कर दी गई।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी की यह पहल प्रशासन और आमजन के बीच भरोसे की मजबूत कड़ी बनती नजर आ रही है, जहाँ समस्याएँ केवल सुनी नहीं जातीं बल्कि समाधान तक पहुँचाई जाती हैं।



