बाल विवाह के विरुद्ध जिलेभर में जन-जागरण की मुहिम बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत वाद-विवाद, निबंध व शपथ कार्यक्रम छात्र–छात्राओं को कानूनों की जानकारी, समाज को दिया सशक्त संदेश
कलयुग की कलम से राकेश यादव

बाल विवाह के विरुद्ध जिलेभर में जन-जागरण की मुहिम बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत वाद-विवाद, निबंध व शपथ कार्यक्रम छात्र–छात्राओं को कानूनों की जानकारी, समाज को दिया सशक्त संदेशबाल विवाह के विरुद्ध जिलेभर में जन-जागरण की मुहिम बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत वाद-विवाद, निबंध व शपथ कार्यक्रम छात्र–छात्राओं को कानूनों की जानकारी, समाज को दिया सशक्त संदेश
कलयुग की कलम कटनी – बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।
शासकीय उत्कृष्ट सी.एम. राइस संदीपनी विद्यालय, बड़वारा में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बाल विवाह के दुष्परिणामों, शिक्षा के महत्व एवं सशक्त भविष्य जैसे विषयों पर प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र–छात्राओं को प्राचार्य श्री उमेश निगम एवं परियोजना अधिकारी श्री इंद्रकुमार साहू द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर परियोजना अधिकारी श्री इंद्रकुमार साहू ने छात्र–छात्राओं एवं विद्यालय स्टाफ को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 (पॉक्सो एक्ट), महिला हेल्पलाइन 181 एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह को कानूनन अपराध बताते हुए इससे होने वाले सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संबंधी नुकसान पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विभागीय कर्मचारियों को बाल विवाह मुक्त भारत के निर्माण की शपथ दिलाई गई।इसी क्रम में परियोजना बहोरीबंद अंतर्गत महावीर उत्कृष्ट विद्यालय में बाल विवाह रोकथाम पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने विद्यार्थियों एवं विद्यालयीन स्टाफ को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की जानकारी देते हुए बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया। साथ ही यह संदेश दिया गया कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलना समाज की जिम्मेदारी है।



