मंडला- पीएचई मंत्री संपतिया उइके द्वारा मंडला के लिए कोई दूसरा शब्द का प्रयोग किए जाने पर आदिवासी सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मंडला का नाम ‘महिष्मति नगरी’ बदलने को लेकर भ्रामक चर्चाएं फैलने के बाद गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) ने मंगलवार को जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने पीएचई मंत्री, जिले के प्रभारी मंत्री, सांसद और जिला कलेक्टर का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के समय पुलिस बल और गोंगपा कार्यकर्ताओं गोगपा कार्यकर्ताओं के बीच गहमागहमी की स्थिति भी बनी।
उन्होंने कहा कि मंडला गोंड राजाओं की राजधानी रही है और आदिवासी संस्कृति व परंपराएं हमारी अमूल्य विरासत हैं। नर्मदा घाटी की संस्कृति से मंडला का गहरा ऐतिहासिक संबंध है। मंडला का नाम बदलने की किसी भी कोशिश को आदिवासी अस्मिता पर प्रहार बताया।
प्रशासन ने दिया जवाब
बताया गया कि नाम परिवर्तन को लेकर फैली अफवाहों के बाद जिला प्रशासन ने सोशल माध्यमों के जरिए स्पष्टीकरण जारी किया था। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मंडला जिले का नाम मंडला ही रहेगा, नाम बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
आदिवासी समाज में असंतोष, लगाए आरोप
इसके बावजूद सार्वजनिक मंच से दिए गए बयान के बाद आदिवासी समाज व संगठनों में असंतोष व्याप्त हो गया। इसी क्रम में गोंगपा ने मंगलवार, छह जनवरी को मंडला मुख्यालय स्थित निषादराज भवन के सामने सभा आयोजित की। सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिरा सिंह टोलेंश्वर ने भाजपा सरकार पर तीखे आरोप लगाए।
नाम बदलने के लिए स्थानीय सहमति अनिवार्य- गोंगपा
उन्होंने कहा कि किसी भी जिले का नाम बदलने से पहले व्यापक जनसुनवाई, स्थानीय सहमति और ऐतिहासिक तथ्यों का सम्मान अनिवार्य है। बिना संवाद के लिया गया निर्णय सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकता है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि इस तरह की चर्चाएं या प्रस्ताव समाप्त नहीं हुए तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा और गांव-गांव से कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे। सभा के बाद हजारों की संख्या में गोंगपा कार्यकर्ताओं ने विरोध रैली निकाली, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी।
मंत्रियों और कलेक्टर का पुतला फूंका
बैगा-बैगी चौराहे के आगे पुलिस ने रैली को रोक दिया। इस दौरान प्रशासन और भाजपा सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी हुई तथा पीएचई मंत्री संपतिया उइके, प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और जिला कलेक्टर का पुतला दहन किया गया। इधर, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि मंडला गोंड राजाओं की राजधानी रहा है और इतिहास की रक्षा के लिए सभी प्रयासरत हैं। मंडला का नाम कभी मिटने नहीं दिया जाएगा।