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सिलौंडी नेंगई खसरा नंबर 166 पर अवैध कब्जे से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी सार्वजनिक उपयोग की भूमि खाली कराने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, तत्काल कार्रवाई की मांग

कलयुग की कलम से राकेश यादव

सिलौंडी नेंगई खसरा नंबर 166 पर अवैध कब्जे से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी सार्वजनिक उपयोग की भूमि खाली कराने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, तत्काल कार्रवाई की मांग

कलयुग की कलम सिलौंडी – तहसील ढीमरखेड़ा अंतर्गत ग्राम नेंगई में स्थित खसरा नंबर 166 की भूमि पर कथित अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सामाजिक एवं सार्वजनिक उपयोग में आने वाली इस भूमि पर जबरन निर्माण किए जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामवासियों ने नायब तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी तथा जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कब्जा हटाने और भूमि को सार्वजनिक स्थल घोषित करने की मांग की है।

सामाजिक कार्यक्रमों की भूमि पर निर्माण का आरोप

ग्रामीणों के अनुसार ग्राम नेंगई स्थित खसरा नंबर 166, रकबा लगभग 0.32 हेक्टेयर, राजस्व अभिलेखों में लालजी पिता नंदलाल साहू एवं अन्य के नाम दर्ज है। खातेदार वर्षों से लापता बताए जा रहे हैं, जिसके कारण यह भूमि लंबे समय से ग्राम समुदाय द्वारा सामाजिक कार्यों—जैसे सामूहिक भोज, भागवत कथा, धार्मिक अनुष्ठान एवं सार्वजनिक बैठकों—के लिए उपयोग में लाई जाती रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा भूमि के एक हिस्से पर जबरन कब्जा कर मकान निर्माण कर लिया गया है। विरोध करने पर विवाद और झगड़े की स्थिति बनती है, जिससे गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है।

स्वच्छता और शांति पर भी असर

ग्रामीणों ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि कब्जा किए गए हिस्से में पशुओं की कटाई किए जाने से आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध, अस्वच्छता और धार्मिक भावनाओं से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए आवागमन भी कठिन हो गया है।

एक ग्रामीण ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया,

“यह जमीन पूरे गांव की सामाजिक गतिविधियों का केंद्र रही है। यदि इस पर कब्जा बना रहा तो भविष्य में किसी भी सामुदायिक कार्यक्रम का आयोजन करना मुश्किल हो जाएगा।”

भूमिहीन परिवारों के लिए चिन्हित भूमि पर विवाद

ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि भूमिहीन परिवारों के उपयोग और सामाजिक प्रयोजनों के लिए चिन्हित मानी जाती रही है। ऐसे में निजी निर्माण से न केवल सार्वजनिक हित प्रभावित हो रहा है, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के लिए उपलब्ध संसाधनों पर भी संकट उत्पन्न हो गया है।

प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें

ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से निम्न मांगें की हैं—खसरा नंबर 166 से अवैध कब्जा तत्काल हटाया जाए।निर्माण कार्य को हटाकर भूमि को पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए।भूमि को सार्वजनिक उपयोग हेतु सुरक्षित घोषित किया जाए।भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए स्थायी सीमांकन और सूचना पट्ट स्थापित किया जाए।ज्ञापन की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी ढीमरखेड़ा, नायब तहसीलदार वृत्त सिलौंडी तथा ग्राम पंचायत नेंगई के सरपंच एवं सचिव को भी भेजी गई है।

प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विवश होंगे। वहीं स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

गांव में बढ़ता तनाव, समाधान की जरूरत

ग्राम नेगाई में भूमि विवाद के कारण सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का मानना है कि समय रहते प्रशासन हस्तक्षेप कर विवाद का समाधान कर दे तो गांव में शांति और सामुदायिक व्यवस्था बनी रह सकती है।

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