रामभक्ति की गूंज से गुंजायमान पिपरिया सेहलावन — पूर्णाहुति व विशाल भंडारे के साथ भव्य श्रीराम महायज्ञ एवं रामकथा का दिव्य समापन
कलयुग की कलम से राकेश यादव

रामभक्ति की गूंज से गुंजायमान पिपरिया सेहलावन — पूर्णाहुति व विशाल भंडारे के साथ भव्य श्रीराम महायज्ञ एवं रामकथा का दिव्य समापन
कलयुग की कलम उमरिया पान -उमरिया पान क्षेत्र अंतर्गत पिपरिया सेहलावन स्थित पावन तपोभूमि रामकुण्डी आश्रम में 19 से 25 फरवरी 2026 तक आयोजित भव्य श्रीराम महायज्ञ एवं संगीतमय श्रीराम कथा का आज पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण में समापन हो गया। सात दिनों तक चले इस आध्यात्मिक महापर्व ने पूरे क्षेत्र को राममय बना दिया और हजारों श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ प्राप्त किया।

इस दिव्य आयोजन का संचालन परम पूज्य श्री श्री 1008 बनवारी दास जी महाराज की प्रेरणा एवं सानिध्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से आयोजित संगीतमय रामकथा का रसपान प्रसिद्ध कथा व्यास डॉ. अभिषेक शास्त्री जी महाराज ने कराया। वहीं वैदिक विधि-विधान से यज्ञ सम्पन्न कराने का दायित्व यज्ञाचार्य पं. प्रमोद परोहा जी महाराज ने निभाया। आयोजन में दादा गुरु जी महाराज का विशेष मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ।
श्रद्धा, सेवा और संस्कृति का संगम
सात दिवसीय आयोजन की शुरुआत 19 फरवरी को भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर गांव में धर्मध्वजा फहराई। प्रतिदिन यज्ञ, हवन, भजन-कीर्तन एवं रामकथा के माध्यम से धर्म, संस्कृति और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया गया। वातावरण “जय श्रीराम” के उद्घोष से निरंतर गुंजायमान रहा।
25 फरवरी को विधिवत पूर्णाहुति सम्पन्न हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने यज्ञ कुंड में आहुति देकर विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि और क्षेत्र की उन्नति की कामना की। इसके उपरांत 26 फरवरी को आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर सेवा और समरसता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।

जनसहयोग से साकार हुआ महाआयोजन
इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में भटिया, भरभरा एवं रामकुण्डी आश्रम सेवा मंडल सहित ग्राम पिपरिया सेहलावन एवं उमरिया पान क्षेत्र के श्रद्धालु ग्रामीणों का अभूतपूर्व सहयोग रहा। आयोजन स्थल को भव्य रूप से सजाया गया तथा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु पेयजल, भोजन, विश्राम एवं सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम की सफलता में प्रमुख रूप से प्रकाश नाथ साहू, अरुण गर्ग, सुरेन्द्र पटेल, लवकुश पटेल, विपेन्द नामदेव, पंकज नामदेव, अरविंद ब्यौहार, कैलाश साहू, रवि सिंह बिसेन, राजकुमार पटेल, नेमचंद्र पटेल, ओमकार मौर्य, ओम विश्वकर्मा, रम्मू चौधरी, ब्रजेश पांडे, जितेन्द्र मिश्रा, संदीप गर्ग, राजू गर्ग, रोहित गर्ग, वीरू विश्वकर्मा सहित अनेक भक्तों का विशेष योगदान रहा। इसके अतिरिक्त अनेक ऐसे सेवाभावी ग्रामीणों ने भी सहयोग दिया जिनके नाम ज्ञात नहीं हो सके, परंतु उनके समर्पण ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आध्यात्मिक जागरण का बना केंद्र
यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में सद्भाव, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का माध्यम बना। रामकथा के माध्यम से आदर्श जीवन, पारिवारिक मूल्यों, सेवा, त्याग और धर्म पालन का संदेश दिया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने आत्मसात करने का संकल्प लिया।
क्षेत्र में बना आस्था का नया अध्याय
पिपरिया सेहलावन में आयोजित यह महायज्ञ एवं रामकथा क्षेत्र के धार्मिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। आयोजन ने न केवल लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की, बल्कि सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को भी मजबूत किया।
आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं, सेवाभावी नागरिकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे समाज में धर्म, संस्कृति और मानवीय मूल्यों का प्रकाश फैलता रहें।



